राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बुधवार को कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में, विश्वविद्यालयों को युवाओं को ज्ञान, कौशल, रोजगार क्षमता और उद्यमिता से लैस करना चाहिए।”राज्यपाल पालमपुर में श्री साई विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा, “किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान ज्ञान, मूल्यों, अनुसंधान, नवाचार और समाज में उसके योगदान से निर्धारित होती है। श्री साई समूह की शैक्षणिक यात्रा, जिसकी शुरुआत 1996 में बधानी में हुई थी, शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।”
गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रभाव एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक फैलता है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व को न केवल वर्तमान आवश्यकताओं पर विचार करना चाहिए, बल्कि अगले 20, 30 और यहां तक कि 50 वर्षों की संभावनाओं और चुनौतियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
भारत को एक युवा राष्ट्र बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा देने के लिए विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत से अपने संबंध और मजबूत करने की जरूरत है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपका लक्ष्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। आपको दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में सक्षम बनने की भी आकांक्षा रखनी चाहिए।”
राज्यपाल ने पहाड़ों और पर्वतारोहण गतिविधियों से संबंधित शिक्षा पर विश्वविद्यालय के विशेष ध्यान की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारे पहाड़ केवल हमारी पहचान के प्रतीक नहीं हैं; वे पर्यटन, साहसिक खेलों, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, खेल विज्ञान और स्थानीय रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण आधार हैं।”
इससे पहले, श्री साई विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एस.के. पुंज ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।


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