September 26, 2026
National

यमुना एक्सप्रेसवे हादसे पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप, महिला पर मामला दर्ज

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देने का मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने ‘एक्स’ पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट करने वाली एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक बस में आग लगने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। एक महिला ने इस हादसे की फोटो और वीडियो को ‘एक्स’ पर शेयर कर दिया। महिला ने दावा किया था कि बस में आग भाजपा और आरएसएस के लोगों ने लगाई है। इतना ही नहीं, उसने यह भी लिखा कि इस आग में 30 यात्रियों की मौत हुई है और मरने वाले सभी मुस्लिम और ईसाई समुदाय के थे।

पुलिस के अनुसार, यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और निराधार था। इस तरह की पोस्ट से लोगों में भय, आक्रोश और प्रशासन के प्रति अविश्वास पैदा हो सकता था। साथ ही इससे कानून व्यवस्था बिगड़ने का भी खतरा था।

पुलिस का कहना है कि पोस्ट के जरिए आम लोगों को भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रेटर नोएडा पुलिस के मीडिया सेल में तैनात एसआई सुमित कुमार की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद महिला ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया और माफी मांगते हुए कहा कि उससे गलती से पोस्ट हो गया था। हालांकि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्ट के स्रोत और इसके पीछे के मकसद की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे या संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के कोई भी पोस्ट शेयर न करें और अफवाहों से बचें। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनी अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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