देश भर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण में तेज़ी आ रही है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के स्टेशनों सहित 75 स्टेशनों का 1,570 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है। जम्मू और कश्मीर के चार प्रमुख स्टेशनों का भी इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत उन्नयन किया जा रहा है।
पंजाब में, जालंधर कैंट, एसएएस नगर (मोहाली), श्री आनंदपुर साहिब और श्री मुक्तसर साहिब को योजना के तहत विकसित किया गया है। हरियाणा में, कालका और नरवाना का पुनर्विकास किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में अंब अंदौरा को भी कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है।
भारतीय रेलवे के अनुसार, आधुनिकीकरण अभियान जम्मू और कश्मीर तक फैला हुआ है, जहां एबीएसएस के तहत बुडगाम, जम्मू तवी, शहीद कप्तान तुषार महाजन और श्री माता वैष्णो देवी कटरा का उन्नयन किया जा रहा है। बुडगाम स्टेशन पर आवागमन क्षेत्र, पार्किंग सुविधाओं और पहुंच मार्ग में सुधार का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज, स्टेशन भवन के सुधार और बुकिंग काउंटर से सुसज्जित एक नए प्रतीक्षा कक्ष और कार्यकारी लाउंज के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
जम्मू तवी में कई प्रमुख कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं, जिनमें दूसरे प्रवेश द्वार पर एक नए स्टेशन भवन का निर्माण, परिसंचरण क्षेत्र और पार्किंग सुविधाओं का विकास, नए प्लेटफार्म और प्लेटफार्म शेल्टर, एक विद्युत उप-स्टेशन और एक प्रवेश रैंप शामिल हैं।
इसी प्रकार, शहीद कप्तान तुषार महाजन स्टेशन पर स्टेशन भवन, आवागमन क्षेत्र, पार्किंग सुविधाएं, पहुंच मार्ग, शौचालय, प्रतीक्षा कक्ष, प्रवेश द्वार और साइनबोर्ड से संबंधित सुधार कार्य पूर्ण हो चुके हैं। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन, जो तीर्थयात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, वर्तमान में मास्टर प्लानिंग के चरण में है।
एबीएसएस की परिकल्पना देश भर में 1,340 रेलवे स्टेशनों के चरणबद्ध पुनर्विकास की है, ताकि उन्हें आधुनिक परिवहन केंद्रों में बदला जा सके, जिनमें बेहतर यात्री सुविधाएं, निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और स्थानीय संस्कृति, विरासत और पहचान को दर्शाने वाली क्षेत्र-विशिष्ट स्थापत्य विशेषताएं हों।
रेल मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2022 में शुरू की गई यह योजना एक दीर्घकालिक मास्टर-प्लानिंग पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को एक बार के दिखावटी नवीनीकरण के बजाय आधुनिक शहरी केंद्रों में परिवर्तित करना है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा चुका है।
इस पुनर्विकास में आधुनिक स्टेशन भवन और प्रतीक्षा कक्ष, चौड़े पैदल यात्री पुल और हवाई गलियारे, बेहतर आवागमन और पार्किंग क्षेत्र, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक संकेत और यात्री सूचना प्रणाली, कार्यकारी लाउंज और जहां भी संभव हो, टिकाऊ और शहर-एकीकृत डिजाइन शामिल हैं।
स्टेशन विकास के लिए निधि, जिसमें एबीएसएस के अंतर्गत कार्य भी शामिल हैं, सामान्यतः योजना मद-53, ‘ग्राहक सुविधाएं’ के अंतर्गत प्रदान की जाती है। इस मद के अंतर्गत आवंटन और व्यय का हिसाब क्षेत्रीय रेलवे द्वारा स्टेशन-वार या राज्य-वार के बजाय क्षेत्र-वार रखा जाता है।
पुनर्विकास का यह नवीनतम चरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के राष्ट्रव्यापी समर्पण का दूसरा बड़ा कार्यक्रम है। इससे पहले, 22 मई, 2025 को उन्होंने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया था।
देश भर में निर्माण और पुनर्विकास का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में अमृत भारत स्टेशन योजना केंद्र सरकार के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभरी है, जिसका उद्देश्य बेहतर यात्री सुविधाओं को बेहतर कनेक्टिविटी, सुगमता और ऐसी वास्तुकला के साथ जोड़ना है जो उन क्षेत्रों के चरित्र को दर्शाती हो जिनमें स्टेशन स्थित हैं।


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