हरियाणा सरकार ने हाल ही में 1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण गुप्ता के लिए एक वर्ष के कार्यकाल विस्तार का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने सेवानिवृत्ति का आदेश जारी कर दिया है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कार्यकाल विस्तार शायद मंजूर न हो। हालांकि, इस प्रस्ताव पर केंद्र की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।
राज्य सरकार ने मुख्य सचिव के हस्ताक्षर वाला आदेश जारी करते हुए कहा कि “राज्यपाल यह आदेश देते हैं कि गुप्ता 30 सितंबर की दोपहर को सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने पर आईएएस से सेवानिवृत्त हो जाएं”। गुप्ता कल सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि उनके संभावित उत्तराधिकारियों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस तरह का सेवानिवृत्ति आदेश आमतौर पर संबंधित अधिकारी के अंतिम कार्य दिवस की दोपहर को ही जारी किया जाता है। “हालांकि, यह आदेश लगभग 48 घंटे पहले ही आ गया है। इसका मतलब है कि सेवा विस्तार की संभावना लगभग न के बराबर है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अंतिम कार्य दिवस पर ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था, हालांकि सेवा विस्तार की मंजूरी शाम को ही मिली,” एक अधिकारी ने कहा।
हरियाणा सरकार ने हाल ही में केंद्र को पत्र लिखकर गुप्ता के लिए एक साल का विस्तार मांगा था, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं और वित्त सचिव का प्रभार भी संभाल रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के कार्यकाल में विस्तार, यदि केंद्र की मंजूरी मिल जाती है, तो यह “असामान्य” होगा, क्योंकि सेवा में विस्तार आमतौर पर केवल राज्य सरकार की सिफारिश पर ही मुख्य सचिव को दिया जाता है।
हालांकि केंद्र से विस्तार के संबंध में कोई सूचना प्राप्त न होने पर कल शाम तक ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि तीन महीने के विस्तार की संभावना बनी हुई है।
“अगर केंद्र सरकार की मंजूरी कल शाम तक नहीं मिलती है, तो कल सेवानिवृत्त होने वाले गुप्ता के पास 31 दिसंबर तक तीन महीने के लिए पद पर बने रहने का मौका है। सरकार उनकी सेवानिवृत्ति के बावजूद उन्हें उनके वर्तमान कार्यभार वाले कैडर पदों पर नियुक्त रख सकती है। हालांकि, इस विस्तार को पुनर्नियोजन माना जाएगा और इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी,” एक अन्य अधिकारी ने बताया, साथ ही यह भी कहा कि गुप्ता के तीन महीने के विस्तार में रुचि रखने की संभावना कम है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के दूसरे छह महीने के सेवा विस्तार को इस साल 30 जून को मंजूरी दी, जो उनके एक साल के विस्तार का आखिरी दिन था। केंद्र ने राज्य सरकार की सिफारिश को मंजूरी देते हुए रस्तोगी को 31 दिसंबर, 2026 तक मुख्य सचिव के पद पर बने रहने की अनुमति दी।
अधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति आदेश जारी होने के बाद, सरकार को केंद्र से किसी भी प्रकार का संचार प्राप्त होने की संभावना नहीं है।


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