बुधवार को भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान (आईआईएएस) के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी के उपयोग को संस्थागत कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह बात हिंदी पखवाड़े के समापन समारोह में अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान कही, जिसका बुधवार को समापन हुआ। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने नियमित आधिकारिक कार्यों और दैनिक कामकाज में हिंदी के प्रति जागरूकता और उत्साह बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
दूरदर्शन केंद्र, शिमला की उप निदेशक नंदिनी मित्तल इस अवसर पर मुख्य अतिथि थीं। अपने संबोधन में उन्होंने हिंदी के महत्व और प्रभावी संचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी के व्यापक उपयोग और जनसंचार एवं सामाजिक संवाद से भाषा को जोड़ने की आवश्यकता है।
हिंदी पखवाड़ा के दौरान संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें निबंध लेखन, स्वयं रचित कविता पाठ, वाद-विवाद, हिंदी टाइपिंग, अनुवाद, नोटिंग और ड्राफ्टिंग तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं शामिल थीं। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हिंदी के विभिन्न भाषाई और रचनात्मक पहलुओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, हिंदी में अधिक मात्रा में आधिकारिक कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को इस अवसर पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और सम्मानित किया गया।
समापन समारोह के दौरान, प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने वालों को मुख्य अतिथि और निदेशक द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन आईआईएएस के फेलो और हिंदी माह आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर संजय भट्ट के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह का समापन वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुआ।


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