पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में उपचुनाव के लिए मंगलवार को वोटिंग शुरू होते ही कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने आरोप लगाया कि वोट देने का अधिकार सबके पास होने के बावजूद, गुंडे उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धमका रहे हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए मिलन प्रधान ने कहा, “यह एक उपचुनाव है। इस उपचुनाव में हर नागरिक को वोट देना है। यहां आजादी है। कल रात और उससे पहले से ही यहां गुंडागर्दी चल रही है। मेरे एजेंटों को उठाकर ले जाया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है और जबरदस्ती कागजात छीन लिए गए। यह क्या है? यह सही नहीं है। यह आजादी वाला सिस्टम नहीं है।”
प्रधान ने कहा, “हमने भारत के चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, हमें कोई जवाब नहीं मिल रहा है।” इससे पहले 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामलों में कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद प्रधान ने फिर से चुनाव प्रचार शुरू किया था।
बता दें कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस साल के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटें जीती थीं। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया और नंदीग्राम सीट छोड़ दी। इसलिए नंदीग्राम में मतदान हो रहा है। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होनी है।
भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी हत्या कर दी गई थी। चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में हुई थी। इससे पहले सोमवार को चुनाव आयोग ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईसी) को तुरंत बदलने का आदेश दिया था।
नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के आईसी के तौर पर काम कर रहे अजय कुमार मिश्रा की जगह देबाशीष सरकार को लाया गया है, जो पूर्वी मेदिनीपुर जिले में ट्रैफिक कंट्रोल रूम के आईसी थे। सोमवार दोपहर जारी एक बयान में आयोग ने निर्देश दिया कि तबादले को तुरंत लागू किया जाए और सोमवार शाम तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट सौंपी जाए। चुनाव आयोग ने इस अचानक बदलाव का कारण नहीं बताया। वोटिंग से ठीक एक दिन पहले इंस्पेक्टर मिश्रा को हटाए जाने के समय पर भी लोगों का ध्यान गया है।


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