अंबाला के धुलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और कई मजदूर घायल हो गए। इस घटना के कुछ दिनों बाद, हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।आयोग ने 27 सितंबर की घटना की परिस्थितियों, अब तक की गई कार्रवाई, भवन से संबंधित स्वीकृतियों और निरीक्षण अभिलेखों और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी मांगी है।
सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोरा ने बताया कि अमनदीप सिंह भाटिया की शिकायत के बाद आयोग ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन ने शिकायत सुनने के बाद उपायुक्त, अंबाला नगर निगम आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने उपायुक्त से मृतकों और घायलों के संबंध में, पीड़ितों और उनके परिवारों को प्रदान की गई राहत और मुआवजे के बारे में, और क्या कोई मजिस्ट्रेट या प्रशासनिक जांच का आदेश दिया गया है या आयोजित की गई है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।
नगर निगम को स्वीकृत भवन योजना प्रस्तुत करने और यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि निर्माण योजना और लागू भवन उपनियमों के अनुरूप हुआ है या नहीं। साथ ही, परियोजना से जुड़े मालिक, बिल्डर, ठेकेदार, वास्तुकार और संरचना अभियंता का विवरण, निरीक्षण रिकॉर्ड और यदि कोई उल्लंघन हुआ है तो उसके संबंध में शुरू की गई कोई सूचना या कार्यवाही प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है।
घटना के बाद एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया और निर्माण सामग्री के नमूने एकत्र किए गए। पुलिस ने जगगी बिल्डर, काम सौंपने वाले श्रीपाल राणा, संपत्ति मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।


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