चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नौकरी-उन्मुख कौशल और बेहतर कैरियर के अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। सोमवार को विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति विजय कुमार ने यह दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को रोजगार क्षमता बढ़ाने और नौकरी बाजार के लिए तैयार होने के लिए अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल दोनों की आवश्यकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को वैश्विक मानकों को पूरा करने में मदद मिल रही है। ये पहलें छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ने और नए कैरियर अवसरों का पता लगाने में भी मदद कर सकती हैं।
बैठक के दौरान, यूरोपीय संघ सहभागिता और सूचना केंद्र (ईयूईआईसी) के प्रतिनिधि जसमीत सैनी ने सीडीएलयू और ईयूईआईसी के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक कौशल को बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न यूरोपीय देशों में उपलब्ध पाठ्यक्रमों, शैक्षिक अवसरों और अन्य संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
कॉलेज के प्रधानाचार्यों ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए, जिनका जवाब दिया गया।


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