भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने जॉर्ज सोरोस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से 26 नवंबर को घोषणापत्र जारी करने के ऐलान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके पास जनता का समर्थन हासिल करने के बजाय षड्यंत्र और आरोपों की राजनीति करने का एजेंडा है।
जॉर्ज सोरोस पर किरेन रिजिजू की टिप्पणी को लेकर रोहन गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कुछ देशों में सत्ता परिवर्तन से जुड़े जिस तरह के पैटर्न देखने को मिले हैं, उसी तरह का माहौल भारत में भी बनाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष की मंशा किसी न किसी तरह षड्यंत्र के जरिए सत्ता परिवर्तन करने की है। भारत लोकतंत्र और संविधान से चलता है। यहां जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण है। किसी षड्यंत्र के जरिए देश को नहीं चलाया जा सकता। विपक्ष को पहले जनता का विश्वास जीतना चाहिए और उसके बाद सत्ता परिवर्तन की बात करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के दिल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और एनडीए हैं। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उसके दिल में जनता और युवाओं के बजाय सत्ता पाने की इच्छा है। जनता का समर्थन हासिल किए बिना सत्ता में आने की उम्मीद करना केवल सपना देखने जैसा है।
संजय राउत की ओर से चुनाव आयोग को माफिया बताए जाने पर रोहन गुप्ता ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं की भाषा उनकी बौखलाहट और निराशा को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन और माफिया के संबंधों को लेकर देश पहले से जानता है और जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें रही हैं, वहां माफिया राज देखने को मिला। गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से उसे क्या हासिल होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बिना सबूत के आरोप लगाकर जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सकता।
कांग्रेस के शासनकाल में नवीन चावला की नियुक्ति का मुद्दा उठाते हुए गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि गोपालस्वामी के विरोध के बावजूद नवीन चावला को किस प्रकार नियुक्त किया गया और उनके नेतृत्व में चुनाव जीता गया। संवैधानिक संस्था के प्रमुख का इस तरह अपमान करना गठबंधन के नेताओं को शोभा नहीं देता।
समाजवादी पार्टी की ओर से 26 नवंबर को संकल्प पत्र जारी करने की घोषणा पर गुप्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता को अपने शासनकाल के कामकाज का जवाब देना चाहिए। जनता समाजवादी पार्टी के शासन में कथित माफिया राज, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े सवालों को जानती है। प्रदेश की जनता वास्तविकता और प्रचार के बीच अंतर समझती है। उन्होंने अखिलेश यादव के बयानों और विपक्षी नेताओं की कथित धमकी भरी भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ऐसे नेताओं पर भरोसा क्यों करेगी।
वहीं, भाजपा सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सुशासन के जरिए परिस्थितियों में सुधार हुआ है और प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया गया है। गुप्ता ने विश्वास जताया कि विपक्ष चाहे कितने भी दावे कर ले, उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के साथ थी, है और आगे भी रहेगी।


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