कांग्रेस नेता और सांसद हरीश मीणा ने सोमवार को हमीरपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि BJP केंद्र में सत्ता में बने रहने के लिए ‘वोट चोरी’ समेत सभी गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जब विपक्षी पार्टियों के नेता चुनाव कराने में कथित गलत तरीकों के लिए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे थे, तो खुद ज्ञानेश कुमार के बजाय BJP नेता उनका बचाव कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में अघोषित इमरजेंसी और तानाशाही चल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई साल पहले कहा था कि BJP चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल कर रही है और ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार की कठपुतली बन गए हैं और कई फैसले कथित तौर पर साथी कमिश्नरों की सहमति के बिना लिए गए।
मीणा ने कहा कि एक बड़े अखबार में छपी रिपोर्ट में ज्ञानेश कुमार के पावर के गलत इस्तेमाल का खुलासा हुआ था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के उनके दौरे का मकसद इलेक्शन कमीशन के गलत काम को सामने लाना और लोगों को उनके वोट के अधिकार और वोट की ताकत के बारे में जागरूक करना था।
उन्होंने कहा कि वोट की सुरक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है। EVM की भूमिका पर मीणा ने आरोप लगाया कि हर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से कॉम्प्रोमाइज़ किया जा सकता है क्योंकि इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। उन्हें शक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत भी EVM में हेरफेर का नतीजा थी क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र में शुरुआती आठ राउंड की गिनती तक पीछे चल रहे थे।
मीणा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी SIR के खिलाफ नहीं थी, लेकिन जिस तरह से यह किया जा रहा है, उसके खिलाफ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक रिपोर्ट में 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने का ज़िक्र था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इलेक्शन कमीशन की क्रेडिबिलिटी पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा, “देश के लोगों को अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए उठ खड़ा होना चाहिए और यही हमारा मिशन है।”


Leave feedback about this