November 6, 2026
Haryana

घाटे ने फतेहाबाद के किसानों की दिवाली फीकी कर दी

जहां पूरे देश में लोग अपने घरों में दिवाली मनाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं फतेहाबाद में सैकड़ों किसान मिनी-सेक्रेटेरिएट के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए त्योहार मनाने वाले हैं। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान और नहर बंद होने से परेशान किसान पिछले तीन दिनों से धरना दे रहे हैं।

किसानों ने ऐलान किया है कि वे दिवाली पर DC ऑफिस के बाहर अपना प्रोटेस्ट जारी रखेंगे और सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाने के लिए वहां मिट्टी के दीये जलाएंगे। गुरुवार को, विरोध के तीसरे दिन ढाणी छतरिया के सतीश बेनीवाल और छबील दास ने मिलकर अध्यक्षता की। किसान नेताओं ने कहा कि वे 3 नवंबर से खुले आसमान के नीचे विरोध कर रहे हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही जिला प्रशासन ने उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उनसे संपर्क किया है।

उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से खड़ी धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है, बालियों से दाने झड़ गए हैं और खेतों में सिर्फ पराली बची है। फसल के नुकसान ने किसानों और खेतिहर मज़दूरों को बहुत ज़्यादा पैसे की तंगी में डाल दिया है, खासकर दिवाली, छठ पूजा और शादियों का मौसम आने वाला है। कई परिवार घर के खर्चे चलाने, लोन चुकाने और अपने बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने में भी मुश्किल महसूस कर रहे हैं।

किसान नेताओं ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों के पास त्योहार मनाने के लिए बहुत कम पैसे बचे हैं। उन्होंने दोहराया कि किसान दिवाली पर घर लौटने के बजाय प्रोटेस्ट साइट पर ही दीये जलाएंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में कई किसान, मज़दूर और युवा शामिल हुए, जिनमें कैरांवाली के सरपंच रमेश कुमार, पूर्व सरपंच नंदी सिद्धू और बलवान सिंह, गोरखपुर के सुरेंदर, बेगराज गोदारा, ओमप्रकाश डिंग, रणधीर जोधकियां, मदन लाल कुम्हारिया और बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधि राजेश चौबारा और सुखदीप रंधावा शामिल थे।

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