उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज कहा कि केंद्र सरकार ने ऊना जिले के हरोली और कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले घालूवाल गांव में स्वां नदी पर पुल के निर्माण के लिए 37 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
अग्निहोत्री ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नया पुल राष्ट्रीय राजमार्ग 503 ए पर मौजूदा पुराने पुल की जगह लेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा पुल का निर्माण 1962 में हुआ था, जब प्रताप सिंह कैरों पंजाब के मुख्यमंत्री थे और ऊना उस राज्य का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि पिछले 63 सालों में यातायात कई गुना बढ़ गया है और पुराने पुल को बदलने की सख्त जरूरत है।
इसके अलावा, अग्निहोत्री ने कहा कि पुल 2023 की बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था और मरम्मत के लिए इसे कुछ महीनों के लिए बंद करना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत और राज्य लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्रालय के निरंतर प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने चार लेन वाले पुल को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को धन्यवाद दिया।
अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना आज राज्य का सबसे तेजी से विकास करने वाला जिला है, जहां सभी विभाग सार्वजनिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भाजपा नेता, जो विकास की गति को पचा नहीं पा रहे हैं, वे केंद्र द्वारा दिए गए धन को इसका श्रेय दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भारत संघीय व्यवस्था में चलता है और राज्यों को केंद्रीय वित्तपोषण में अपना हिस्सा मांगने का अधिकार है।” उन्होंने कहा कि किसी को यह पता होना चाहिए कि अपना मामला कैसे पेश किया जाए और केंद्र से धन कैसे लिया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वां नदी पर रामपुर-हरोली पुल को पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान मंजूरी दी गई थी और उसका निर्माण पूरा हो गया था, जबकि इसी नदी पर पंडोगा-तिउरी पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केवल भूतल परिवहन क्षेत्र में ही ऊना में कई सौ करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
अग्निहोत्री ने बताया कि हरोली खंड में चांदपुर नाले पर हाल ही में पुल का निर्माण किया गया है, जबकि हरोली और लालारी में नाले पर पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि गोंदपुर गांव में पुल सहित गांव संपर्क सड़क परियोजना को हाल ही में मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत 12 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि हरोली में पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, सड़क संपर्क और स्वास्थ्य उनकी प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरोली खंड के पोलियां गांव में आगामी बल्क ड्रग पार्क के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है।