April 4, 2025
Uttar Pradesh

वाराणसी में श्रृंगार गौरी के पूजन के लिए निकली भव्य शोभा यात्रा, जयकारों से गूंज उठा परिसर

A grand procession was taken out for the worship of Shringar Gauri in Varanasi, the premises echoed with cheers

वाराणसी, 3 अप्रैल । चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी के अवसर पर श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए बुधवार को वाराणसी में शोभा यात्रा निकाली गई। मुख्य अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के नेतृत्व में केस से जुड़ी चार महिलाओं के साथ गोरखनाथ मठ मैदागिन से मां श्रृंगार गौरी की पूजा के लिए यह यात्रा निकाली गई।

शोभा यात्रा में श्रद्धालुओं ने खूब जयकारे लगाए। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा, “आज हम सभी लोग मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। हम यह उनके चरणों में कामना करेंगे कि जो न्यायालय में संघर्ष चल रहा है, उसमें गति प्रदान करें। जल्द से जल्द बाबा की मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उसमें विजय प्रदान करें।”

मुख्य वादी मदन मोहन ने कहा कि ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए बुधवार को भीड़ उमड़ी है। अनवरत दर्शन पूजन की याचिका दाखिल की थी। श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन के लिए जा रहे हैं। श्रृंगार गौरी के माध्यम से ही ज्ञानवापी की मुक्ति संभव है। एक उद्देश्य और लक्ष्य को लेकर हम आंदोलनरत हैं। पिछले 41 सालों से संघर्ष कर रहे हैं। पहले हमारा नारा था, ‘ज्ञानवापी नंदी करे पुकार। भोले बाबा का हो उद्धार।’

उन्होंने आगे कहा, “हम मांग करते हैं कि जो वजूखाना में प्राप्त शिवलिंग है, उसमें भी दर्शन पूजन का अधिकार दिया जाए। इस समय हम चौखट पर दर्शन पूजन कर रहे हैं। मंदिर का प्रमाण पत्र भी है, जो अधिवक्ता कमीशन के द्वारा प्रमाणित हो चुका है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने भी इसे प्रमाणित किया है। उसमें हमें पूजा करने का अधिकार मिले। जैसे मुस्लिम समाज नमाज पढ़ता है। वैसे ही हम लोगों को भी दर्शन पूजन का अधिकार मिले।”

बता दें कि श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन के लिए सुबह से लोगों में काफी उत्साह नजर आया। श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। श्रद्धालुओं ने मंदिर मुक्ति के लिए मां से कामना की। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों पर भी झूमते दिखे। हर-हर महादेव के जयकारे लगे। शंखनाद और डमरू वादन भी हुआ। सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया गया।

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