एक विचित्र घटना में, बुधवार को यहां कांडा गांव में एक तेंदुआ एक स्थानीय निवासी के घर में घुस गया और बिना किसी पर हमला किए कई घंटों तक वहीं रहा।
जागरूक ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद धरमपुर रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर नीलम ठाकुर तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने शिमला के तूतीकंडी स्थित बचाव एवं पुनर्वास केंद्र से एक बचाव दल को भी बुलाया।
बेहोश करने वाली बंदूक, पिंजरा और एक पशुचिकित्सक की मदद से टीम ने जानवर को बेहोश करने की कोशिश की। लेकिन तेंदुआ कांटेदार तार में फंसकर भाग निकला, जिससे उसके दाहिने पैर पर एक स्पष्ट चोट लग गई।
ठाकुर ने कहा, “तेंदुआ सबसे पहले एक खुले दरवाजे से घर के भूतल में घुस गया और घर में मौजूद लोगों या कुत्ते पर हमला किए बिना दो घंटे तक वहीं रुका रहा।”
“एक शांत कोने में आराम करने के बाद, यह पास के एक निर्माणाधीन घर की पहली मंजिल पर चला गया, जब शिमला की टीम छत पर पहुंची और इसे शांत करने की कोशिश की।”

