कोलकाता पुलिस ने 5 लाख रुपए ठगी करने की कोशिश के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने सीनियर पुलिस अफसर बनकर एक युवक से निजी जानकारी सार्वजनिक करने की धमकी देकर 5 लाख रुपए ऐंठने की कोशिश की। दक्षिण कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद राहुल रॉय नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि रॉय और शिकायत करने वाला, दोनों कालीघाट इलाके के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को जानते थे।
पुलिस के मुताबिक, रॉय ने खुद को राज्य पुलिस का डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) बताया और अपनी पहचान साबित करने के लिए एक नकली पुलिस पहचान पत्र दिखाया। शिकायत करने वाले को हाल ही में कुछ निजी समस्याओं का सामना करना पड़ा था और उसने रॉय पर भरोसा करके उसे मामले की जानकारी दी थी।
शिकायत का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने शिकायत करने वाले को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। रॉय और उसके साथियों ने 5 लाख रुपए की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उसकी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर फैला दी जाएगी।
जानकारी सार्वजनिक होने के डर से, शिकायत करने वाले ने 27 सितंबर को 10,000 रुपए और 28 सितंबर को 2,000 रुपए दिए। पुलिस ने बताया कि इसके बाद भी मांग जारी रही और उस पर बाकी रकम देने का दबाव बना रहा। इसके बाद शिकायत करने वाले को आरोपी पर शक हुआ और उसने रॉय की पहचान के बारे में पता लगाया। उसे पता चला कि रॉय पुलिस अधिकारी नहीं है और जो पहचान पत्र उसने दिखाया था, वह नकली था।
फिर शिकायत करने वाले ने कालीघाट पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया और बुधवार तड़के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत उस व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि रॉय को नकली पुलिस पहचान पत्र कैसे मिला और क्या इस कथित जबरन वसूली की कोशिश में कोई और भी शामिल था। जांचकर्ता रॉय के साथियों की भूमिका और उन हालात की भी जांच कर रहे हैं जिनमें नकली पहचान पत्र तैयार किया गया था।

