मंडी जिले के संधोल में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), मंडी द्वारा रेशम उत्पादन विभाग के सहयोग से रेशम उत्पादन से जुड़े लाभार्थियों और उद्यमियों के लिए एक वित्तपोषण और नेटवर्किंग बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रिटकॉन लिमिटेड के माध्यम से रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (आरएएमपी) परियोजना के सामाजिक समावेशन घटक के तहत आयोजित किया गया था।
इस सम्मेलन में रेशम उत्पादन गतिविधियों में लगे लगभग 45 लाभार्थी और उद्यमी शामिल हुए। उपस्थित लोगों में केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश, रेशम उत्पादन अधिकारी पंकज रघुवंशी, वैज्ञानिक डॉ. जेयू रहमान, पंजाब नेशनल बैंक के जिला प्रमुख प्रबंधक चंदर प्रकाश और उद्योग विभाग के धरमपुर के कार्यकारी अधिकारी अक्षय शर्मा शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, उद्यम पंजीकरण, बीमा, उद्यम विकास और बाजार संपर्क के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने लाभार्थियों को रेशम उत्पादन से संबंधित गतिविधियों के व्यावसायीकरण और उपलब्ध वित्तीय और संस्थागत सहायता का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।
इस बैठक ने लाभार्थियों और उद्यमियों को विशेषज्ञों और अधिकारियों से सीधे बातचीत करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने वित्तीय सहायता तक पहुंच, रेशम आधारित गतिविधियों के विस्तार और उद्यम संचालन के विभिन्न पहलुओं के संबंध में प्रश्न उठाए और अपनी चिंताएं साझा कीं। विशेषज्ञों ने उनकी चिंताओं का समाधान किया और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य रेशम उत्पादन से लाभान्वित होने वाले लोगों को वित्तीय और संस्थागत सहायता के विभिन्न विकल्पों से परिचित कराना, साथ ही वित्तीय समावेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देना था। इसके अलावा, रेशम आधारित गतिविधियों के विस्तार और व्यावसायीकरण के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसरों को मजबूत करना भी इसका लक्ष्य था।
अधिकारियों ने रेशम उत्पादन उद्यमों को मजबूत करने और इस क्षेत्र में लगे लोगों के लिए अवसरों को बढ़ाने के लिए उपलब्ध सरकारी और बैंकिंग सहायता का उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया।

