21 मार्च । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ढाई साल से फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है। उस पर 50,000 का इनाम घोषित था। आरोपी की पहचान दिल्ली के सरिता विहार निवासी अतोनु हल्दर उर्फ अतुल हल्दर (23) के रूप में हुई। उस पर 50,000 का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे गांधीनगर से गिरफ्तार किया है, जहां वह छिपकर रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, साल 2023 में सरिता विहार पुलिस स्टेशन में हत्या और सबूत मिटाने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस वारदात ने उस समय इलाके में दहशत फैला दी थी, क्योंकि हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी।
घटना 15 सितंबर 2023 की है। शिकायतकर्ता उस समय 15 साल का छात्र था। उसने बताया कि उसके पिता श्मशान घाट से लौटे थे। उसी दौरान सह आरोपी राजू पात्रा ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। उसी रात बाद में राजू पात्रा अपने 7-8 साथियों के साथ मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके घर के पास पहुंचा। सभी के पास चाकू, लाठी और अन्य धारदार हथियार थे।
आरोपियों ने मिलकर पीड़ित पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए पीड़ित पास के एक घर में घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और हमला जारी रखा। इस दौरान जब उसकी पत्नी बीच-बचाव करने आईं तो वह भी घायल हो गईं। हमलावर पीड़ित को मृत समझकर फरार हो गए। बाद में घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन अतोनु हल्दर फरार हो गया था। उसे अदालत द्वारा घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी रखा गया।
क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ टीम ने लगातार इस आरोपी की तलाश जारी रखी। महीनों की मेहनत, तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को एक अहम सुराग मिला कि आरोपी गुजरात के गांधीनगर में छिपा हुआ है। इसके बाद इंस्पेक्टर महिपाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई, जिसने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह टीम एसीपी सतेंद्र मोहन की निगरानी और डीसीपी राहुल अलवाल के मार्गदर्शन में काम कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया, जिसकी लोकेशन हर महीने अलग-अलग राज्यों में बदल रही थी। इससे साफ हुआ कि आरोपी लगातार अपनी जगह बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने गांधीनगर में जाल बिछाया और एक सुनियोजित ऑपरेशन के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसे एक सह आरोपी का फोन आया था, जिसने कहा कि एक व्यक्ति ने उसकी मां को थप्पड़ मारा है। इस बात से गुस्साए आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित के घर पर हमला किया। वारदात के बाद वह अपने साथियों के साथ मुंबई भाग गया, जहां वह करीब एक साल तक रहा।
इसके बाद वह प्रयागराज चला गया और फिर लगभग एक साल पहले गुजरात पहुंच गया। इस दौरान वह लगातार नौकरी बदलता रहा, ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके।
आरोपी ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वह एक फर्म में स्टोर हेल्पर के रूप में काम कर रहा था, जहां उसे करीब 12,000 रुपए महीने की तनख्वाह मिलती थी। उसका पैतृक संबंध पश्चिम बंगाल से है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी उनकी लगातार कोशिशों और धैर्य का परिणाम है। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े आरोपी को पकड़ा गया है, बल्कि पीड़ित परिवार को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

