नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मदद के लिए भारत के पंजाब प्रांत से सिख समुदाय की टीम नेपाल पहुंची है। ‘निरपाख ऐड’ एनजीओ की यह टीम नेपाल में लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने में मदद कर रही है।
‘निरपाख एड’ टीम के सदस्य सुरजीत सिंह ने बताया कि हम यहां बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए पंजाब से आए हैं। उन्होंने बताया कि हम यहां अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रहे हैं। लोगों तक खाने-पीने के सामान के अलावा और भी जरूरत की चीजें पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हमें बहुत मैसेजेस आ रहे थे कि किसी के रिलेटिव, किसी का ब्रदर, सिस्टर मिसिंग हैं तो उनको हम फाइंड आउट करने का भी काम कर रहे हैं। हमारी यहां पर म्यूनिसिपैलिटी से बात चल रही है। साथ ही साथ यहां लोकल हॉस्पिटल्स में जो शव लाए जा रहे हैं या जख्मी लोग जो यहां पहुंचे हैं, हम उनको आइडेंटिफाई कर रहे हैं ताकि लोग अपने बिछड़े लोगों और परिवार से मिल सकें।
सुरजीत ने बताया कि हालात काफी बदतर हो चुके हैं। मतलब लोग फंसे हुए हैं, मलबे के नीचे दबे हुए हैं। बहुत से लोगों तक रिसोर्सेज नहीं पहुंच पा रहे हैं, क्योंकि लैंडस्लाइड की वजह से रोड सारे खराब हो चुके हैं। हम यहां के भयावह हालात को महसूस कर सकते हैं। लेकिन हमारी कोशिश निरंतर जारी है कि हम किसी न किसी तरह उन तक जरूरत का सामान पहुंचा सकें। अभी हमारी टीम नुवाकोट जा रही है।
‘निरपाख एड’ के एक और कार्यकर्ता हर्षजीत कौर ने बताया कि हम लोग ज्यादा से ज्यादा डेली एसेंशियल्स के सामान और बेबी प्रोडक्ट्स एंड फीमेल हाइजीन प्रोडक्ट्स लेकर जा रहे हैं। हमारे पास लोगों का मैसेज आया था कि कुछ लोगों को मदद की जरूरत है। अभी हम उसी स्थान पर उनकी जरूरत का सामान लेकर जा रहे हैं।
मोहाली के रहने वाले ‘निरपाख एड’ के एक और सदस्य मनमोहन कुमार ने बताया कि हमारा पूरा ग्रुप यहां आया हुआ है। बावजूद सड़क के रास्ते बंद होने से हम हवाई मार्ग से यहां पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि यहां आए हुए चार दिन हो गए हैं। हम विभिन्न स्थानों पर जाकर जहां-जहां हमारी पहुंच हो सकती है, वहां तक हम जा रहे हैं। बाकी जो ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां पर सड़कें ही नहीं बची हैं, नदी अपने साथ बहाकर ले गई है, उसके आगे आर्मी मदद पहुंचा रही है।
मनमोहन ने बताया कि हम जहां-जहां, जिस गांव में जा रहे हैं, उनके मेयर या प्रधान से मिलकर गांव में सामग्री की आपूर्ति कर रहे हैं। इस राहत सामग्री में मुख्य रूप से किचन यूटेंसिल्स और लेडीज का सामान है। इसके अलावा छोटे बच्चों की जरूरत का सामान है।
उन्होंने बताया कि हमारे साथी जो यहां लोकल रहने वाले हैं, मिस जन्नत और नैना, हमें यहां पूरा ही सहयोग दे रहे हैं। उनके यहां लोकल जो विलेजेस हैं जहां तक हमारी पहुंच नहीं है, वे वहां से संपर्क करके उन तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं, जैसे बाथरूम एसेंशियल्स, किचन एसेंशियल्स, बाल्टी, टब, टूथब्रश, टूथपेस्ट और इसके अलावा भी किचन के यूटेंसिल्स जो डेली यूज होने वाले हैं, लोगों तक पहुंचा रहे हैं। हम आगे नुवाकोट की तरफ जा रहे हैं।

