June 12, 2026
National

अहमदाबाद प्लेन क्रैश के एक साल बाद पीड़ितों के परिजनों का छलका दर्द, अपनों को दी श्रद्धांजलि

A year after the Ahmedabad plane crash, the grief of the victims’ families spilled over as they paid tribute to their loved ones.

अहमदाबाद प्लेन क्रैश की पहली बरसी पर पीड़ितों के परिजन घटना वाली जगह पर इकट्ठा हुए और अपनों को श्रद्धांजलि दी। इस हादसे ने स्थानीय लोगों और बचे हुए लोगों के परिवारों की दर्दनाक यादें फिर से ताजा कर दीं।

घटनास्थल पर पहुंचने वालों में काजल भी शामिल थीं, जिसके छोटे भाई आकाश की जान चल गई थी। काजल ने आईएएनएस से कहा, “जब हादसा हुआ, तो मेरा भाई वहीं सो रहा था। मैं घटनास्थल के पास ही रहती थी और मुझे पता चला कि एक प्लेन क्रैश हो गया है। जब मैं उस जगह पहुंची, तो मुझे एहसास हुआ कि हादसा मेरी मां के होटल के सामने हुआ था। मैंने तुरंत अपनी बहन और दादी को फोन किया और उनसे मां और भाई का हालचाल लेने को कहा। हालांकि, शुरू में किसी ने मुझे नहीं बताया कि मेरा भाई आकाश भी इसकी चपेट में आ गया है।

काजल ने कहा, “जब प्लेन क्रैश हुआ, तो मेरा भाई वहीं सो रहा था। मेरी मां ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे समय रहते उस तक नहीं पहुंच पाईं। इस हादसे में मेरे भाई की जान चली गई। मेरी मां भी झुलस गई थी।” हादसे के शिकार एक व्यक्ति के परिवार के सदस्य गुरदीप सिंह ने इस त्रासदी से जुड़ी कार्रवाई की धीमी गति पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “हादसे को एक साल बीत चुका है लेकिन इस दिशा में कोई खास काम नहीं हुआ है।”

अहमदाबाद विमान हादसे में मुंबई के रहने वाले सऊद मेमन ने अपने चार परिजनों को खो दिया था। उन्होंने बताया कि प्लेन में उनके बड़े भाई सय्यद जावेद अली, भाभी सैयद मरियम अली और उनका बेटा सैयद जयन अली और बेटी सैयद अमनी अली सवार थे। हादसे की जानकारी उन्हें कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मिली, जब परिचितों ने फोन कर विमान दुर्घटना की खबर दी।

सैयद अमनी अली ने बताया कि उसके भाई का परिवार ईद मनाने भारत आया था और छुट्टियां बिताने के बाद वापस लंदन लौट रहा था। एयरपोर्ट पर उसने खुद उन्हें अंतिम विदाई दी थी और परिवार के साथ आखिरी तस्वीर भी खिंचवाई थी। मेमन ने कहा कि आज भी उस दिन की यादें उसे झकझोर देती है।

सऊद मेमन ने आरोप लगाया कि हादसे के एक साल बाद भी परिवार को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि दुर्घटना आखिर किस वजह से हुई। सरकार और जांच एजेंसियों को जल्द से जल्द पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को जवाब मिल सके। मेमन ने कहा कि उसके लिए उसका भाई सिर्फ भाई नहीं, बल्कि एक दोस्त और सहारा था। हादसे में चार करीबी परिजनों को खोने का दर्द आज भी उतना ही गहरा है। सऊद मेमन ने मांग की कि दुर्घटना के कारणों का खुलासा किया जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 12 जून, 2025 को लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने केकुछ ही देर बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में यात्रियों, क्रू सदस्यों और ज़मीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 260 लोगों की जान चली गई थी।

हालांकि शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी कर दी गई है लेकिन अंतिम रिपोर्ट का अभी भी इंतज़ार है। जांचकर्ता पायलट की संभावित कार्रवाई, तकनीकी खराबी और फ्यूल कट-ऑफ स्विच थ्योरी से जुड़े सवालों की जांच कर रहे हैं। पीड़ितों के परिवार अभी भी जवाब, जवाबदेही और मामले के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

इस बीच, एयर इंडिया ने उन आरोपों का खंडन किया है कि मुआवजे के बदले कानूनी छूट (वेवर) पर हस्ताक्षर करने के लिए पीड़ितों के परिवारों पर दबाव डाला जा रहा है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन ने कहा कि उसके अंतिम सेटलमेंट ऑफर को स्वीकार करने के लिए किसी पर भी “बिल्कुल कोई समय सीमा या दबाव नहीं” है।

यह स्पष्टीकरण गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी की बेटी के आरोपों के बाद आया है, जो हादसे में मारे गए 260 लोगों में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि एयरलाइन मुआवजे के दावों से जुड़े कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए परिवारों पर दबाव डाल रही थी।

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