बुधवार को जिला अस्पताल में दम तोड़ देने वाले 30 वर्षीय युवक के परिजनों ने आपातकालीन वार्ड के डॉक्टर की लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ऊना शहर के पास सुनेहरा गांव के निवासी हरपाल सिंह को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनके भाई सुबह 6:30 बजे अस्पताल लेकर आए थे। विरोध प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने 45 मिनट से अधिक समय तक हरपाल का इलाज नहीं किया और अटेंडेंट को इंतजार करने के लिए कहते रहे। कुछ समय बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया।
हरपाल की मां, चाचा और भाई समेत परिजनों ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। परिजनों में से एक ने मरीज की ओपीडी पर्ची भी दिखाई और दावा किया कि उस पर कोई नोट नहीं था और हरपाल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचने के 45 मिनट बाद भी कोई आपातकालीन दवा नहीं लिखी गई थी।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि मरीज सुबह 7:30 बजे आपातकालीन वार्ड में आया और आधे घंटे के भीतर उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने आगे बताया कि हालांकि अस्पताल को हरपाल के परिजनों से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, फिर भी उन्होंने घटना की जांच के लिए चार डॉक्टरों की एक समिति गठित की है। पोस्टमार्टम के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम भी गठित की गई है।

