4 फरवरी । बॉलीवुड में हर स्टारकिड की राह आसान नहीं होती। बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन की बात करें, तो उनकी जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, भीतर से उतनी ही संघर्षों से भरी रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अभिषेक का सपना शुरू से अभिनेता बनने का नहीं था। फिल्मों में कदम रखने से पहले वह एक बिजनेस प्रोफेशनल बनना चाहते थे।
अभिषेक बच्चन का जन्म 5 फरवरी 1976 को मुंबई में हुआ। वह सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के बेटे हैं। ऐसे परिवार में जन्म लेने के बाद लोगों को लगता है कि रास्ता अपने-आप साफ हो जाता है और करियर बना बनाया मिलता है, लेकिन अभिषेक के साथ चीजें अलग थीं। पढ़ाई के लिए उन्हें विदेश भेजा गया, जहां उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की। उनका सपना था कि वह कॉरपोरेट दुनिया में अपना नाम बनाएं और एक सफल बिजनेस प्रोफेशनल बनें।
हालांकि विदेश में पढ़ाई के दौरान ही अभिषेक ने अपने पिता अमिताभ बच्चन के करियर का वह दौर देखा, जब वह आर्थिक और पेशेवर संघर्षों से जूझ रहे थे। पिता को करीब से संघर्ष करते देख अभिषेक का मन बदलने लगा। परिवार के हालात और फिल्मों से जुड़े माहौल ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि शायद उन्हें भी अपने पिता के काम को आगे बढ़ाना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और भारत लौट आए।
साल 2000 में अभिषेक बच्चन ने फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन अभिषेक की सादगी को नोटिस किया गया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्में कीं, जिनमें कुछ चलीं और कई असफल रहीं। शुरुआती साल उनके लिए बेहद कठिन रहे। लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण उनकी तुलना पिता अमिताभ बच्चन से की जाती रही और आलोचनाएं भी झेलनी पड़ीं।
फिर आया वह दौर, जब अभिषेक ने अपनी पहचान खुद बनानी शुरू की। ‘युवा’, ‘बंटी और बबली’, ‘गुरु’, ‘धूम’ फ्रेंचाइजी और ‘दिल्ली-6’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। खासतौर पर फिल्म ‘गुरु’ में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
अभिषेक बच्चन को अपने करियर में कई पुरस्कार और नामांकन मिले। फिल्म ‘युवा’ और ‘सरकार’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई वेब सीरीज और फिल्मों ने भी उन्हें नए दर्शक दिए और साबित किया कि वह आज भी अपने अभिनय से लोगों को प्रभावित कर सकते हैं।
आज अभिषेक सिर्फ अभिनेता ही नहीं हैं, बल्कि एक समझदार निवेशक और बिजनेस-माइंडेड व्यक्ति भी हैं। बिजनेस मैनेजमेंट की जो पढ़ाई कभी अधूरी रह गई थी, उसका असर उनके फैसलों में दिखाई देता है। स्पोर्ट्स, रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी में किए गए निवेश इस बात का सबूत हैं कि वह भविष्य को हमेशा दूर तक देखकर चलते हैं।


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