स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बुधवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) द्वारा फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को लेकर जुलूस निकाला। एबीवीपी के एचपीयू कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा, “शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है और विश्वविद्यालय कोई मुनाफा कमाने वाली कंपनियां नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। यहां किसान, बागवान और छोटे मजदूर अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए विश्वविद्यालय भेजने के लिए एक-एक पैसा बचाते हैं। क्या विश्वविद्यालय ने इस अत्यधिक फीस बढ़ोतरी को लागू करने से पहले इन परिवारों की मजबूरी पर विचार किया?”
उन्होंने कहा कि एबीवीपी पिछले 16 दिनों से विश्वविद्यालय में भूख हड़ताल कर रही है और फीस वृद्धि वापस लिए जाने तक अपना विरोध जारी रखेगी।
एसएफआई ने छात्रावासों से कुलपति कार्यालय तक रैली निकाली और वहां शुल्क वृद्धि के विरोध में तथा छात्र परिषद संघ के चुनावों को बहाल करने की अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया। उसने विश्वविद्यालय को चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं की गईं तो वह अपना आंदोलन और तेज करेगी।

