N1Live Himachal हिमाचल विश्वविद्यालय में 27 फरवरी को हुई हिंसा के खिलाफ एबीवीपी ने विरोध प्रदर्शन किया।
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हिमाचल विश्वविद्यालय में 27 फरवरी को हुई हिंसा के खिलाफ एबीवीपी ने विरोध प्रदर्शन किया।

ABVP protested against the violence that took place in Himachal University on 27 February.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) इकाई ने रविवार को बोइलेउगंज पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और 27 फरवरी को विश्वविद्यालय में हुई हिंसक झड़प में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए परिसर में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग की।

एबीवीपी ने मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी (आईओ) को हटाने की मांग के साथ-साथ मामले को किसी अन्य अधिकारी को स्थानांतरित करने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूनिट के उपाध्यक्ष अंकुश वर्मा ने कहा कि 27 फरवरी को कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से हिंसा का सहारा लेकर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र परिषद को अपना आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस घटना में घायल हुए एबीवीपी नेता भवानी ठाकुर ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हमला आकस्मिक नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है।

उन्होंने कहा कि हमले के दौरान छात्र प्रतिनिधियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कुछ तत्व विश्वविद्यालय में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने मांग की कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

एबीवीपी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो वे जन आंदोलन शुरू करेंगे।

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