उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने गुरुवार को कहा कि राज्य में 50 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को विंटेज वाहनों की श्रेणी में रखने की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बद्दी में 20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे स्वचालित वाहन परीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्र के निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए यह बात कही।
अग्निहोत्री ने परियोजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “इस केंद्र की स्थापना से न केवल वाहनों की फिटनेस जांच में सुविधा होगी, बल्कि दीर्घकाल में वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। लगभग 63 बीघा भूमि पर निर्मित यह केंद्र पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।” उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन स्थल पर मशीनरी लगाने का काम जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने बताया कि राज्य परिवहन विभाग हमीरपुर जिले के नादौन में एक और ऐसा केंद्र बना रहा है, जबकि हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऊना जिले के हारोली में ऐसा ही एक केंद्र बना रहा है।
“इसके अलावा, निजी संस्थान भी राज्य में अन्य स्थानों पर वाहन परीक्षण को स्वचालित करने के लिए ऐसे केंद्र स्थापित कर रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी और वाहन परीक्षण में दक्षता आएगी,” उपमुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की मांगों के अनुरूप, इन केंद्रों पर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल, स्वचालित परीक्षण केंद्र और स्क्रैपिंग यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं।
दून विधायक राम कुमार चौधरी, नालागढ़ विधायक हरदीप सिंह बावा, हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री और विभिन्न विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।


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