राज्य युवा महोत्सव महज एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है। यह युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने शनिवार को बिलासपुर में आयोजित समापन समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।
गोमा ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेता नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और पैरालंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को 17 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को पुरस्कृत करने और ग्राम, पंचायत, ब्लॉक, जिला और निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर खेलों के विस्तार का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री की योजनाओं में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इनडोर स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण, साथ ही चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्य शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जिससे अब तक लगभग 500 खिलाड़ियों को लाभ मिल चुका है।
विभिन्न श्रेणियों में विजेता थे: लोक नृत्य – शिमला (प्रथम), बिलासपुर (द्वितीय), कुल्लू और मंडी (दोनों तृतीय); लोक समूह गायन – कांगड़ा (प्रथम), चंबा (द्वितीय), मंडी और सिरमौर (दोनों तृतीय); कहानी लेखन – कुल्लू की यामी (प्रथम), ऊना की पायल (द्वितीय), मंडी की प्रीतम शर्मा (तृतीय); कविता पाठ – चम्बा के ऋषि कपूर (प्रथम); हमीरपुर की पूर्वी (द्वितीय), सोलन के भार्गव पांडे (तीसरे); चित्रकला – शिमला की रिया वर्मा (प्रथम), हमीरपुर के आदर्श शर्मा (द्वितीय), बिलासपुर की शैलजा ठाकुर (तृतीय), भाषण – ऊना की अनमोल शर्मा (प्रथम), बिलासपुर की आभा चंदेल (द्वितीय), मंडी के हर्ष ठाकुर (तृतीय)।
इस अवसर पर शिमला से जिला युवा सेवा अधिकारी उत्तम दत्त और खेल अधिकारी अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।


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