N1Live Entertainment ‘लक्ष्मी निवास’ करने के बाद बड़बड़ाने लगी हैं एक्ट्रेस मानसी श्रीवास्तव, बोलीं-दिल से जुड़ गई है ये आदत
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‘लक्ष्मी निवास’ करने के बाद बड़बड़ाने लगी हैं एक्ट्रेस मानसी श्रीवास्तव, बोलीं-दिल से जुड़ गई है ये आदत

Actress Mansi Srivastava has started muttering after doing 'Lakshmi Nivas', saying that this habit has become attached to her heart.

टीवी शो ‘लक्ष्मी निवास’ में रेवती का किरदार निभा रही अभिनेत्री मानसी श्रीवास्तव ने अपने किरदार की एक खास आदत को असल जिंदगी में भी अपना लिया है। रेवती की लगातार खुद से बड़बड़ाने की आदत अब मानसी की रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। अभिनेत्री का मानना है कि जब कोई आदत दिल से जुड़ जाती है, तो स्क्रीन पर भी सच्ची लगती है।

रेवती ‘लक्ष्मी निवास’ में एक सीधी-सादी, एनर्जी से भरपूर और परिवार की देखभाल करने वाली महिला है। वह पूरे दिन काम करते हुए खुद से ही कुछ न कुछ बड़बड़ाती रहती है। शो के किरदार ‘दादी जी’ ने इसी आदत के चलते उसे प्यार से ‘गुनगुनाती गौरी’ का निकनेम भी दे रखा है। इस छोटी-सी आदत ने रेवती के किरदार को दर्शकों के बीच बेहद प्यारा और यादगार बना दिया है।

मानसी ने जी टीवी पर प्रसारित हो रहे शो के किरदारों के बारे में बताया कि हर किरदार इतना सच्चा और रिलेटेबल है कि दर्शक खुद को उससे जोड़ लेते हैं। उनका मानना है कि अच्छा अभिनय सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कभी-कभी किरदार कलाकार की जिंदगी का भी हिस्सा बन जाता है।

मानसी श्रीवास्तव ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “रेवती बहुत ही साधारण, प्यारी और देखभाल करने वाली महिला है। मुझे उसके किरदार से तुरंत जुड़ाव महसूस हुआ, क्योंकि असल जिंदगी में भी मुझे लोगों की देखभाल करना बहुत पसंद है।”

उन्होंने कहा, “रेवती की सबसे खास आदत है कि वह दिन भर काम करते हुए खुद से बड़बड़ाती रहती है। जब मैं रोल तैयारी कर रही थी, तो अनजाने में ही यह आदत मुझे भी लग गई। अब असल जिंदगी में भी मैं अक्सर खुद से बड़बड़ाने लगती हूं। यह बिना मेरे ध्यान दिए स्वाभाविक रूप से हो गया। मुझे लगता है कि जब कोई आदत दिल से जुड़ जाती है, तो स्क्रीन पर भी वह बहुत ईमानदार और सच्ची लगती है।”

‘लक्ष्मी निवास’ मध्यमवर्गीय परिवार की छोटी-छोटी खुशियों, रिश्तों और भावनाओं को बड़े प्यार से दिखाता है। मानसी ने बताया रेवती अपनी दुनिया, अपने घर और अपने परिवार से गहराई से जुड़ी हुई है और मैंने रेवती की सादगी, सहजता और बोलने के तरीके को स्क्रीन पर जीवंत बनाने की पूरी कोशिश की है।

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