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गुजरात सरकार ने किसानों से बातचीत के बाद ट्रैक्टरों पर सब्सिडी बढ़ाने और आरटीओ में राहत देने की योजना बनाई

After talks with farmers, the Gujarat government plans to increase subsidy on tractors and provide relief in RTO charges.

31 मार्च । कृषि मंत्री जीतू वघाणी ने सोमवार को बताया कि गुजरात सरकार ने किसान संगठनों के साथ बातचीत के बाद सिंचाई में मदद, खेती के उपकरणों के नियम और फसल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रस्तावित उपायों की रूपरेखा तैयार की है।

मंत्री ने कहा कि प्रशासन ‘किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है’ और ‘किसानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।’

भारतीय किसान संघ और किसान मोर्चा के साथ मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जीतू वघाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम के लिए सब्सिडी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि यह सिस्टम किसानों को पानी बचाने और कम पानी में बेहतर पैदावार के लिए मदद करेगा। सब्सिडी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, और सरकार संबंधित विभागों के साथ बातचीत के बाद फैसला लेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य ने किसानों की मुश्किलों को दूर करने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियों को तीन से पांच साल के लिए रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) पासिंग की जरूरतों से छूट देने को भी मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर और ट्रॉली पासिंग को लेकर किसानों को होने वाली समस्याओं को हल करने के लिए, राज्य सरकार ने तीन से पांच साल के लिए आरटीओ पासिंग से छूट देने को मंजूरी दी है। वघाणी ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें वह खुद, एनर्जी मिनिस्टर ऋषिकेश पटेल और फॉरेस्ट मिनिस्टर अर्जुन मोढवाडिया के साथ दूसरे अधिकारी शामिल हैं।

यह पैनल किसानों के प्रतिनिधियों के साथ रेगुलर मीटिंग करता है और मुख्यमंत्री से सलाह-मशविरा करता है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए लगातार सकारात्मक तरीका अपनाया है और आगे भी अपनाती रहेगी।

पहले के फैसलों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य ने पुश्तैनी प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में कानूनी वारिसों को स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने की मंजूरी दी है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे फैसले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर किसानों के प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरा के बाद लिए गए थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश में किसानों के लिए जरूरी फैसले तुरंत लिए गए हैं और भविष्य में भी लिए जाते रहेंगे।

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