अक्षय तृतीया नजदीक आ रही है, जो कि इस क्षेत्र में पारंपरिक रूप से सामूहिक विवाहों के साथ मनाया जाने वाला त्योहार है, ऐसे में करनाल जिला प्रशासन ने बाल विवाहों के खिलाफ चेतावनी जारी की है। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) राहुल राय्या ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह न होने देने का निर्देश दिया। एडीसी ने कहा, “जिला प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है।”
एडीसी राय्या ने इस बात पर जोर दिया कि बाल विवाह कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने ग्राम, वार्ड और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप-मंडल मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) और पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) को विवाह समारोहों की निगरानी के लिए क्षेत्र का दौरा करने को कहा गया है।
एडीसी ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के से विवाह करना आपराधिक अपराध है। उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई को सामूहिक विवाह आयोजित करने वाले सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वे ऐसे आयोजनों से पहले प्रशासन को सूचित करें।
नागरिकों से बाल विवाह के किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना देने का आग्रह किया गया है। जानकारी हेल्पलाइन नंबरों — 1098, 112, 181, 70150, 06490 और 94661 25250 पर साझा की जा सकती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

