अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने मच्छर से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के उपायों के तहत शहर भर में निरीक्षण के दौरान दो जगहों को सील कर दिया और 108 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए। सील की गई जगहों में साउथ जोन के लम्भा वार्ड में ‘आशीर्वाद लेवाइस’ और साउथ-वेस्ट जोन के सरखेज वार्ड में ‘रेन बसेरा’ (नाइट शेल्टर) की निर्माण साइट शामिल हैं।
यह कार्रवाई एएमसी की वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण शाखा की टीमों द्वारा कमर्शियल प्रतिष्ठानों, निर्माण साइटों और अन्य इकाइयों के निरीक्षण के दौरान की गई।
नगर निकाय ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 612 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों से कुल 2,53,800 रुपये का प्रशासनिक शुल्क वसूला गया, जबकि 108 इकाइयों को नोटिस जारी किए गए।
निरीक्षण अलग-अलग वार्डों में अधिकारियों द्वारा किए गए, जिनमें डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर, असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर, हेल्थ ऑफिसर, डिप्टी हेल्थ ऑफिसर, असिस्टेंट एंटोमोलॉजिस्ट, जूनियर असिस्टेंट एंटोमोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विभाग व अन्य नागरिक विभागों के कर्मचारी शामिल थे।
यह अभियान एएमसी की ‘विश्व मच्छर दिवस’ गतिविधियों का हिस्सा था, जो हर साल 20 अगस्त को मच्छर से फैलने वाली बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
अधिकारियों ने कहा, “जागरूकता गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य निवासियों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका और फाइलेरिया जैसी मच्छर से फैलने वाली बीमारियों के कारणों और उनसे बचाव के बारे में शिक्षित करना था।”
अधिकारियों ने एएमसी की विभिन्न जगहों का निरीक्षण किया, जिनमें सरदार पटेल भवन, पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम, फायर स्टेशन, मस्टर स्टेशन, अर्बन हेल्थ सेंटर, पानी वितरण केंद्र, एयूडीए मार्केट और निर्माण साइटें शामिल थीं। इसके अलावा, भारती सोसाइटी, शिव शक्ति नगर और बंसी नी चाल जैसे रिहायशी इलाकों का भी निरीक्षण किया गया।
314 रिहायशी इलाकों में सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियां चलाई गईं और 7,213 लोगों तक पहुंच बनाई गई। ऐसी सबसे ज्यादा गतिविधियां ईस्ट जोन में (69) दर्ज की गईं, इसके बाद वेस्ट जोन (57) और साउथ जोन (49) का स्थान रहा।
पूरे शहर में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी वाले कुल 7,213 पर्चे बांटे गए। मलेरिया विभाग ने सार्वजनिक जगहों पर मच्छर के लार्वा को दिखाने वाले 112 कैंप भी लगाए।
नगर पार्षदों की देखरेख में सभी 48 वार्डों के रिहायशी इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें मच्छरों के काटने से बचने और उनके पनपने की जगहों को कम करने पर जोर दिया गया।
नगर निकाय ने लोगों से नगर निगम की सेवाओं का इस्तेमाल करने और बुखार होने पर तुरंत मेडिकल जांच करवाने की अपील की। साथ ही, डॉक्टर की बताई दवा का पूरा कोर्स करने को कहा, खासकर मलेरिया का शक होने पर।
बचाव के उपायों के तहत, लोगों को सलाह दी गई कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, पक्षियों के पानी के बर्तन, पुराने टायर, गमले और खुले बर्तनों को नियमित रूप से साफ और सूखा रखें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, घर से बाहर निकलते समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली दवा या सुझाए गए प्राकृतिक उपाय अपनाएं।
एएमसी ने लोगों को सलाह दी कि वे हफ्ते में एक दिन ‘ड्राई डे’ (सूखा दिन) मनाएं और पानी के सभी बर्तनों को खाली करके साफ करें। अधिकारियों ने कहा, “सरकारी और निजी जगहों पर भी मच्छरों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। लोगों और संस्थानों को अपनी जगहों पर मच्छरों के पनपने की जगहों की नियमित रूप से जांच करनी चाहिए।”

