हिमाचल प्रदेश के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की प्रभारी रजनी पाटिल ने आज कहा कि वह संसद में सेब पर आयात शुल्क में कटौती का मुद्दा उठाएंगी। महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद पाटिल ने कहा, “यह मामला हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे राज्य की सेब अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।”
लगातार हुए व्यापार समझौतों में सेब पर आयात शुल्क में कटौती से राज्य में सेब उत्पादक अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। जहां न्यूजीलैंड से आने वाले सेब पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, वहीं यूरोपीय देशों से आने वाले सेब पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। उत्पादकों का मानना है कि आयात शुल्क में इस तरह की भारी कटौती से स्थानीय सेब अर्थव्यवस्था संकट में पड़ गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने भी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष सेब पर आयात शुल्क कम करने का मुद्दा उठाया था।

