14 मार्च । मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ या जेट फ्यूल) की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय विमानन उद्योग पर पड़ रहा है, जहां ईंधन परिचालन खर्चों का बड़ा हिस्सा (लगभग 40 प्रतिशत) होता है। इसी संदर्भ में बजट एयरलाइन आकासा एयर ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज लागू करने की घोषणा की है।
आकासा एयर के प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी 15 मार्च 2026 को रात 12 बजे से सभी नई बुकिंग्स पर 199 रुपए से लेकर 1300 रुपए तक का फ्यूल सरचार्ज लगाएगी। यह सरचार्ज प्रति सेक्टर (प्रत्येक उड़ान खंड) के आधार पर लगेगा और फ्लाइट की अवधि के अनुसार इसमें बदलाव होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि 15 मार्च 2026 को रात 12 बजे से पहले की गई किसी भी बुकिंग पर यह सरचार्ज लागू नहीं होगा।
यह कदम इंडिगो और एयर इंडिया जैसे अन्य प्रमुख एयरलाइंस के बाद आया है, जिन्होंने भी मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण जेट फ्यूल कीमतों में उछाल के चलते फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया या लागू किया है। हाल के दिनों में जेट फ्यूल की कीमतें 58 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तनाव के कारण कई एयरलाइंस को उड़ानें रीरूट करनी पड़ रही हैं, जिससे ईंधन खपत और लागत दोनों बढ़ गई हैं।
आकासा एयर ने स्पष्ट किया कि कंपनी ऑपरेशनल दक्षता, विश्वसनीय सेवाएं, गर्मजोशी भरी ग्राहक सेवा और किफायती किराए बनाए रखने पर फोकस करती है। हालांकि, बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए यह सरचार्ज आवश्यक हो गया है। कंपनी ने कहा कि वह ऑपरेशनल माहौल पर लगातार नजर रखेगी और फ्यूल सरचार्ज की समय-समय पर समीक्षा करती रहेगी। यदि स्थिति सुधरती है या कीमतें कम होती हैं, तो सरचार्ज में बदलाव संभव है।
यात्रियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई बुकिंग्स पर कुल किराया बढ़ जाएगा। आकासा एयर यात्रियों से अपील करती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इस अतिरिक्त शुल्क को ध्यान में रखें।

