March 20, 2026
Entertainment

अलका याज्ञनिक : लता-आशा के दौर में रची अपनी अलग कहानी, आज भी करोड़ों फैन

Alka Yagnik: Created her own story during the Lata-Asha era, still has millions of fans

20 मार्च । बॉलीवुड संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो समय के साथ काफी पसंद की जाने लगती है। ऐसी ही एक आवाज है, अलका याग्निक की, जिन्होंने अपने सुरों से करोड़ों दिलों को छुआ है। 90 के दशक में जब संगीत का दौर अपने सुनहरे समय में था, तब कई दिग्गज गायिकाएं इंडस्ट्री पर राज कर रही थीं। उसी दौर में अलका याज्ञनिक ने भी कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में ऐसी मिठास थी जो सीधे दिल तक पहुंचती थी और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

अलका याज्ञनिक का जन्म 20 मार्च 1966 को कोलकाता में हुआ था। उनका परिवार संगीत से जुड़ा हुआ था। उनकी मां, शुभा याज्ञनिक, एक शास्त्रीय गायिका थीं, जिनसे अलका ने संगीत की शुरुआती शिक्षा ली। महज 6 साल की उम्र में उन्होंने आकाशवाणी में गाना शुरू कर दिया था। यह उनके करियर की पहली सीढ़ी थी, जिसने आगे चलकर उन्हें बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

बचपन में ही अलका अपनी मां के साथ मुंबई आ गईं। यहां उनकी मुलाकात मशहूर फिल्म निर्माता राज कपूर से हुई। उनकी आवाज सुनकर राज कपूर काफी प्रभावित हुए, और उन्होंने उन्हें संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से मिलवाया। शुरुआत में उन्हें डबिंग आर्टिस्ट बनने का मौका मिला, लेकिन उन्होंने सिंगिंग में ही करियर बनाने का फैसला किया। धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में गाने का मौका मिलने लगा।

अलका याज्ञनिक को असली पहचान फिल्म ‘तेजाब’ के गाने ‘एक दो तीन’ से मिली। इस गाने ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई हिट गाने दिए। ‘कयामत से कयामत तक’, ‘साजन’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसे फिल्मों में उनके गाए गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। उनकी आवाज में इमोशन्स को जाहिर करने की अद्भुत क्षमता थी, जिससे हर गाना खास बन जाता था।

यह वह समय था, जब इंडस्ट्री में लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसी दिग्गज गायिकाओं का दबदबा था। ऐसे माहौल में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन अलका याज्ञनिक ने अपनी मेहनत और अलग अंदाज से खुद को साबित किया। उनकी आवाज नई पीढ़ी के लिए ताजगी लेकर आई, और उन्होंने अपनी पहचान एक अलग स्टाइल की सिंगर के रूप में बनाई।

अलका याज्ञनिक ने अपने करियर में हजारों गाने गाए और कई भाषाओं में अपनी आवाज दी। उन्होंने कुमार सानू और उदित नारायण जैसे सिंगर्स के साथ मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए। उनकी जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। उनके गाने आज भी रेडियो, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खूब सुने जाते हैं।

अवॉर्ड्स की बात करें तो अलका याज्ञनिक को कई बड़े सम्मान मिले हैं। उन्होंने 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड, 2 नेशनल अवॉर्ड और कई अन्य सम्मान अपने नाम किए हैं। भारत सरकार ने उन्हें उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से भी सम्मानित किया।

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