अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के तहत गांवों को जोड़ने के लिए उचित प्रवेश और निकास बिंदुओं की मांग को लेकर सपेरा गांव में धरना दे रहे किसानों के एक समूह को गुरुवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया सपेरा, कपूरी और रतनहेरी समेत कई गांवों के किसान और निवासी भारतीय किसान यूनियन (चारुनी) के बैनर तले करीब दो महीने से धरना दे रहे थे। हालांकि, उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया। किसानों ने इस कार्रवाई के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
गिरफ्तार किसानों में शामिल बीकेयू (चारुनी) अंबाला जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह ने कहा, “किसान निर्माणाधीन अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग से गांवों को जोड़ने के लिए उचित प्रवेश और निकास बिंदुओं की मांग कर रहे थे, साथ ही सर्विस लेन और जल निकासी से संबंधित मुद्दों को भी उठा रहे थे। हमने प्रशासन के साथ कई बैठकें कीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज एनएचएआई ने पुलिस के साथ मिलकर जबरन धरना हटाया और हमें हिरासत में ले लिया। यूनियन अपना विरोध प्रदर्शन और तेज करेगी।” इसी बीच, यूनियन प्रमुख गुरनाम सिंह चारुनी के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान खुदा गांव में जमा हुए और धरना शुरू कर दिया।
अंबाला पहुंचे बीकेयू (चारुनी) प्रमुख गुरनाम सिंह ने कहा, “हम प्रशासन के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो यूनियन विरोध प्रदर्शन को और तेज कर देगी।”


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