वॉशिंगटन, ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध से उपजी चिंताओं के बीच पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश करता नजर आ रहा है। वह अमेरिका के संदेशों को ईरान पहुंचा रहा है और ईरान के जवाबों से अवगत करा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर से फोन पर बात की।
व्हाइट हाउस के मुताबिक चर्चा का मुख्य विषय ईरान युद्ध था। हालांकि इस बातचीत को संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों ने और ज्यादा बताने से इनकार कर दिया।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लिविट ने पहले कहा था कि ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चा है और अमेरिका मीडिया के जरिए कोई वार्ता नहीं करेगा।
सूत्रों के अनुसार, मुनीर ने ट्रंप से बातचीत की और पाकिस्तान ने खुद को अमेरिकी और ईरानी वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता की संभावित जगह के रूप में पेश किया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात की। एक्स पोस्ट के जरिए उन्होंने ईद-उल-फितर और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और ईरान के लोगों के साथ अपनी सहानुभूति जताई।
शरीफ ने कहा कि दोनों पक्षों ने खाड़ी क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति की जरूरत पर सहमति जताई। उन्होंने इस्लामी दुनिया में एकता और क्षेत्र में शांति स्थापित करने में पाकिस्तान की भूमिका पर भी जोर दिया।
इस बीच सोमवार को ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ बेहतर और सार्थक बातचीत के बाद उन्होंने हमले को पांच दिनों तक टालने की घोषणा की थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता का ट्रंप के फैसले से सीधा संबंध है या नहीं। ईरान ने सीधे अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ मित्र देशों के माध्यम से संदेश मिले हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कूटनीतिक प्रयास अभी शुरुआती चरण में है और इसे पूरी तरह से संरचित वार्ता नहीं माना जा सकता।

