N1Live World भू-राजनीतिक तनाव के बीच नीदरलैंड ने बदली सोने की ‘तिजोरी’, 86 टन गोल्ड अमेरिका-कनाडा से ब्रिटेन पहुंचाया
World

भू-राजनीतिक तनाव के बीच नीदरलैंड ने बदली सोने की ‘तिजोरी’, 86 टन गोल्ड अमेरिका-कनाडा से ब्रिटेन पहुंचाया

Amidst geopolitical tensions, the Netherlands has shifted its gold reserves, moving 86 tonnes of gold from the US and Canada to Britain.

 

एम्स्टर्डम, दुनिया में बढ़ते संघर्ष, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच नीदरलैंड ने अपने ‘सोने की तिजोरी’ का पता बदल दिया है। देश ने स्वर्ण भंडार की सुरक्षा और उपलब्धता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने अमेरिका और कनाडा में रखा करीब 86 टन सोना ब्रिटेन स्थानांतरित कर दिया है।

 

नीदरलैंड के केंद्रीय बैंक डी नेदरलैंड्सचे बैंक (डीएनबी) का कहना है कि यह निर्णय किसी एक देश पर भरोसा कम होने की वजह से नहीं, बल्कि संकट के समय सोने को ज्यादा आसानी से इस्तेमाल करने की जरूरत को ध्यान में रखकर लिया गया है।

बैंक का मानना है कि लंदन में रखा सोना जरूरत पड़ने पर न्यूयॉर्क या ओटावा की तुलना में अधिक तेजी से खरीदा-बेचा या वित्तीय लेनदेन में इस्तेमाल किया जा सकता है।

डीएनबी के प्रमुख ओलाफ स्लेइपेन ने कहा कि बैंक को उम्मीद है कि ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी, जब उसे संकट से निपटने के लिए अपने सोने का इस्तेमाल करना पड़े। लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए तैयारी और लचीलापन बनाए रखना जरूरी है।

नीदरलैंड के पास कुल 612.4 टन सोने का भंडार है। इस नए फेरबदल के बाद लंदन में रखे उसके सोने की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत से बढ़कर 32 प्रतिशत से अधिक हो गई है। वहीं, अमेरिका और कनाडा में रखे भंडार का हिस्सा कम हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि पूरा 86 टन सोना विमान या जहाजों के जरिए सीधे अमेरिका और कनाडा से लंदन नहीं पहुंचाया गया। बैंक ने मार्च से अगस्त के बीच एक जटिल प्रक्रिया अपनाई। कुछ सोना भौतिक रूप से स्थानांतरित किया गया, जबकि कुछ मामलों में न्यूयॉर्क में सोना बेचकर लंदन में उसके बराबर मात्रा खरीद ली गई। इससे भारी मात्रा में सोने को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का जोखिम भी कम हुआ।

लंदन को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सक्रिय स्वर्ण बाजारों में गिना जाता है। यही वजह है कि संकट की स्थिति में वहां रखा सोना जल्दी नकदी में बदला जा सकता है या वित्तीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि डीएनबी ने साफ तौर पर यह नहीं कहा कि अमेरिका में राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उसने अपना सोना वहां से हटाया है, लेकिन यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में केंद्रीय बैंक अपने विदेशी भंडार और उनकी सुरक्षा पर नए सिरे से विचार कर रहे हैं।

युद्ध, व्यापारिक तनाव, प्रतिबंधों के बढ़ते इस्तेमाल और वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता ने सोने को एक बार फिर केंद्रीय बैंकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षित संपत्ति बना दिया है।

सोने की बढ़ती कीमतें भी इस बदलते माहौल की तस्वीर पेश करती हैं। निवेशक और केंद्रीय बैंक दोनों ही अनिश्चित समय में सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।

 

Exit mobile version