जम्मू-कश्मीर में जारी अमरनाथ यात्रा के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित प्रसिद्ध टाली माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें नजर आती हैं और पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज रहा है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद सुखद, शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल देखने को मिला।
मंदिर के पुजारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह मंदिर बिल्कुल जीरो लाइन पर मौजूद है। यहां काफी दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। माता रानी सभी की मनोकामना पूरी करती है। उन्होंने कहा कि यह पर जब जयकारे लगते हैं तो पाकिस्तान तक आवाज जाती है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले नवीन शर्मा ने बताया कि वे हर साल यहां भंडारा करने के लिए आते हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा नजदीक होने पर भी यहां हालात बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यहां लोगों को आना चाहिए और माता के दर्शन करने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मंदिर में जो भी व्यक्ति जो मनोकामना मांगता है, वह पूरी होती है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर के नजदीक होने पर गोलीबारी के समय भी यहां कभी नुकसान नहीं होता है। नवीन शर्मा ने कहा कि हम जयकारा यहां टोला माता मंदिर में लगाते हैं तो इसकी गूंज पाकिस्तान के क्षेत्र में भी सुनाई पड़ती है।
फर्रुखाबाद के निवासी राजीव गुप्ता ने बताया कि वह जम्मू बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए आए थे। वहां से वापस लौटने के बाद मुझे पता चला कि यहां नजदीक एक काली माता का मंदिर है, जो काफी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बॉर्डर के बिल्कुल नजदीक है। यहां की प्रथा है कि दोनों देशों के बीच कितनी भी गंभीर स्थिति बनी हो, लेकिन मंदिर और उसके नजदीक के गांवों में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस मंदिर की आस्था है कि जो भी यहां सिर झुकाता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। इन सबके बारे में सुनकर मैं भी हैरान हुआ और उत्साहित होकर माता के मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचा हूं। बरेली की रहने वाली एक महिला श्रद्धालु ने कहा, “मैं बाबा अमरनाथ के दर्शन करने आई थी। जम्मू में रुकी थी, क्योंकि यहां घूमना था। जब चर्चा चल रही थी तो हम लोग काली माता मंदिर के दर्शन के लिए आए। मैं पहली बार इस मंदिर में दर्शन के लिए आई हूं।”

