जनरेशन गैप की वजह से अक्सर सोच, बोलचाल और पहनावे का अंतर होना स्वाभाविक है। यही बदलाव आज की युवा पीढ़ी, यानी कि जेन-जी जनरेशन में काफी देखने को मिलते हैं, जिनमें उनके बातचीत करने के तरीके उनसे बड़ी पीढ़ी के लोगों के लिए समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इस बदलाव को देखते हुए मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी इस ‘जेन-जी’ भाषा को समझने और सीखने की कोशिश करते नजर आए।
हाल ही में क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड के दौरान मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने कहा कि कैसे हर पीढ़ी के साथ भाषा और उसके शब्द बदलते रहते हैं। उन्होंने ‘रॉकिंग’ और ‘किलिंग इट’ जैसे शब्दों का मजाक उड़ाते हुए उनका शाब्दिक मतलब निकाला।
युवा पीढ़ी की भाषा पर अपनी कन्फ्यूजन शेयर करते हुए बच्चन ने कहा, “आज कल की ‘जेन जी’ या ‘जेन ए’ पता नहीं कैसे बोलचाल की भाषा में शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। ‘यू आर रॉकिंग… मिस्टर बच्चन, यू आर रॉकिंग।’ हमने कहा, ‘यार, पत्थर तो हमने अभी तक उठाया नहीं। हमारी तस्वीर देखकर बोलते हैं कि ‘सर, यू आर किलिंग इट।’ हमने कहा कि मौत की बात काहे कर रहा है यार हमसे?”
पहले भी, अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उनके लिए ‘जेन जी’ भाषा और ‘टर्मिनोलॉजी’ को समझना बहुत मुश्किल होता है। मेगास्टार ने हाल ही में एक नया जेन जी टर्म, ‘बीवी पगलू’ भी खोजा था। इसका मतलब जानने के बाद, अमिताभ ने मजाक में कहा था, “यह बिल्कुल सही है। पत्नी बॉस है और हर पति को यह मानना चाहिए। ऐसे जियो और तुम बच जाओगे, नहीं तो, तुम्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा।”
जेन जी भाषा मुख्य रूप से इंटरनेट, सोशल मीडिया और पॉप कल्चर से उपजी एक तेज, संक्षिप्त और अनूठी संवाद शैली है, जिसका उपयोग 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा करते हैं। यह भाषा लंबे वाक्यों की जगह शॉर्टकट, मीम्स और खास स्लैंग पर आधारित होती है। इसमें शब्दों से ज्यादा भावनाओं और व्यंग्य को प्रमुखता दी जाती है। अंग्रेजी और हिंग्लिश के मिले-जुले शब्दों का उपयोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक) के जरिए तेजी से आम हुआ है।

