March 7, 2026
National

आंध्र प्रदेश बनेगा ‘क्वांटम वैली’ का केंद्र: सीएम नायडू ने रायसीना डायलॉग में जताई मजबूत इच्छा, अमरावती होगा क्वांटम क्रांति का हब

Andhra Pradesh to become the hub of ‘Quantum Valley’: CM Naidu expresses strong desire at Raisina Dialogue, Amaravati to be the hub of quantum revolution

7 मार्च । रायसीना डायलॉग में बोलते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाने की मजबूत इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ‘सिलिकॉन वैली से क्वांटम वैली’ तक का सफर तय करने के लिए तैयार है, जहां अमरावती भविष्य की क्वांटम क्रांति का केंद्र बनेगा।

सीएम नायडू ने रायसीना डायलॉग में अपने संबोधन में गूगल के बड़े निवेश का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गूगल विशाखापत्तनम में एक गीगावाट स्केल का एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए 15 बिलियन डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) का निवेश कर रहा है। यह भारत में आर्थिक सुधारों के बाद हाल के वर्षों का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है। यह प्रोजेक्ट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर क्षमता और बड़े पैमाने पर ऊर्जा संसाधनों को मजबूत करेगा। नायडू ने कहा, “अब चीजें हो रही हैं। यह निवेश भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”

क्वांटम टेक्नोलॉजी पर फोकस करते हुए मुख्यमंत्री ने अमरावती क्वांटम वैली का जिक्र किया। फरवरी 2026 में अमरावती में इसकी नींव रखी गई, जो भारत का पहला एकीकृत क्वांटम इकोसिस्टम है। 50 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में क्वांटम कंप्यूटिंग, रिसर्च, टैलेंट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। नायडू ने कहा, “हम अभी एक क्वांटम कंप्यूटर बना रहे हैं। भारत में पहली बार 133-क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर सेंटर अमरावती में आईबीएम, टीसीएस और एलएंडटी के सहयोग से स्थापित हो रहा है। दो साल के भीतर हम क्वांटम कंप्यूटर्स का उत्पादन शुरू करेंगे और उन्हें दुनिया को सप्लाई करेंगे।”

उन्होंने सिलिकॉन वैली से तुलना करते हुए कहा, “आज दुनिया सिलिकॉन वैली (कैलिफोर्निया) की बात करती है। कल लोग क्वांटम वैली की बात करेंगे—यह अमरावती से है, मेरे राज्य से है।”

यह पहल भारत की नेशनल क्वांटम मिशन (6000 करोड़ रुपए) से जुड़ी है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग में रिसर्च को बढ़ावा दे रही है। राज्य ने एआई और क्वांटम इकोसिस्टम के लिए यूएनआईसीसी सहित सात एमओयू साइन किए हैं।

नायडू ने भारतीय प्रवासियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय, खासकर टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स, दुनिया के सबसे अच्छे ‘डिप्लोमैट’ हैं। वे जहां भी जाते हैं, लोकल कम्युनिटी में घुल-मिल जाते हैं और ग्लोबल डेवलपमेंट में योगदान देते हैं। पहले आंध्र से माइग्रेशन मुख्य रूप से अमेरिका तक सीमित था, लेकिन आज तेलुगु और भारतीय कम्युनिटी कई देशों में फैली है। उन्होंने कहा कि ये प्रवासी इंटरनेशनल सहयोग मजबूत कर रहे हैं और भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ा रहे हैं।

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