अनिल भारद्वाज
चंडीगढ़ 3 फरवरी ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा है कि हरियाणा भर में सभी पुराने बिजली मीटरों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटरों से बदला जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्पों में से चुनने की सुविधा मिलेगी।
आज यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में भूमिगत केबल बिछाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी भूमिगत केबल बिछाई जाएंगी, जिससे बिजली के खंभे गिरने और ओवरहेड तारों के टूटने जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी और इस प्रकार बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।
ऊर्जा विभाग में सुधारों से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए, विजय ने कहा कि एक सुदृढ़ और जवाबदेह प्रणाली लागू की गई है, जिसके परिणामस्वरूप गर्मियों के दौरान बिजली कटौती काफी हद तक नियंत्रण में रही है। उन्होंने कहा कि सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारणों, अवधि और परिस्थितियों का विस्तृत विवरण देते हुए सुबह 11 बजे तक दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मंत्री जी ने आगे कहा कि बिजली की मांग के अनुरूप ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। मानसून के दौरान जलभराव के कारण होने वाली बिजली कटौती को रोकने के लिए निचले इलाकों में स्थित सबस्टेशनों की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सड़क व्यवस्था के आधुनिकीकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग सुधारवादी उपाय कर रहा है। यात्रियों को बसों की आवाजाही की सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए एक बस ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की जा रही है। एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है जिसके माध्यम से यात्री बसों की स्थिति, मार्ग और समय की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि बस बेड़े का विस्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं और सरकार एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है।

