एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों ने वैश्विक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के संदेशों को बढ़ावा देने के लिए ‘विश्व शांति पदयात्रा’ और ‘पर्यावरण बचाओ रैली’ के साथ ‘त्रेवेनी उत्सव’ का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर किया, जो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। छात्रों को संबोधित करते हुए प्रोफेसर चौहान ने कहा कि खेल भावना के साथ-साथ युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी प्रबल होनी चाहिए। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह वैश्विक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्रों की जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सतत विकास के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ सावधानी और सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का आग्रह किया और कहा कि पृथ्वी, वायु और जल जीवन के लिए आवश्यक हैं और इनका संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को न केवल खेल के मैदानों में बल्कि पूरे परिसर और समुदाय में स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया। व्यावहारिक उपायों पर बल देते हुए उन्होंने छात्रों से वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी सामूहिक रूप से सार्थक परिवर्तन ला सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा करने में सहायक हो सकते हैं।
‘त्रवेनी उत्सव’ अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें कबड्डी, वॉलीबॉल, शतरंज, फुटबॉल, एथलेटिक्स, कैरम, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, रस्साकशी, लूडो और अन्य मनोरंजक खेलों सहित कई प्रकार के खेल आयोजन शामिल होंगे।
समापन संध्या पर विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। इनमें हिमाचली लोकगीत, पारंपरिक नाटी नृत्य, हिंदी और पंजाबी संगीत, लोक नृत्य, नाटक और रंगमंच प्रस्तुतियाँ शामिल होंगी।

