एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के ‘देश को आरएसएस की विचारधारा से खतरा है’ वाले बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता ने कहा कि मैं इतना ही कहूंगा कि वह धर्म के नाम पर देश को गुमराह करना बंद करें।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कुछ मुस्लिम और कांग्रेस नेताओं ने वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा किया है। आज ये कब्जाधारी और लुटेरा गिरोह घबराहट में हैं। उनमें चिंता, निराशा और हताशा भरी हुई है, इसलिए कुंठित मानसिकता के साथ भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। ओवैसी को धर्म के नाम पर देश को गुमराह करना बंद करना चाहिए। मोदी सरकार ने संसद के पटल पर स्पष्ट रूप से कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को माफिया नियंत्रण से मुक्त करना, गरीब मुस्लिम परिवारों को सशक्त बनाना है। साथ ही वक्फ में पारदर्शिता लाना है और मनमाने ढंग से दुरुपयोग न हो, उसे रोकना है। राहुल गांधी और ओवैसी जैसे नेता देश में नफरत की राजनीति कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि मैं सोचता हूं कि उन्हें (राहुल गांधी और ओवैसी) मुस्लिम महिलाओं का दर्द क्यों नहीं दिखता है? क्या वे मुस्लिम महिलाओं को दिए गए अधिकारों से उन्हें वंचित करना चाहते हैं? या फिर वे गरीब मुस्लिम परिवारों का भला होते देखना नहीं चाहते हैं। भूमाफिया के हाथों में खेल रहा यह लुटेरा गैंग वक्फ पर कब्जा करना चाहता है।
तरुण चुघ ने नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “नेहरू-गांधी परिवार 7 दशकों से, चार पीढ़ियों से, देश में अपने परिवारवाद, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और लूट को स्थापित करने के लिए काम कर रहा है। वे चार पीढ़ियों से लगातार राष्ट्रवादी ताकतों को अपमानित करने, उनके खिलाफ षड्यंत्र करने और उन्हें खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी के नाना-नानी और दादी ने जो षड्यंत्र किया, उसके बावजूद वे राष्ट्रवादी शक्तियों को रोक नहीं पाए। उनके ये मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।”
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘कांग्रेस के सामने भाजपा-आरएसएस मजाक’ वाले बयान पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह परिवार के घोंसले और पप्पू की सोच से बाहर नहीं निकल पाएंगे।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “राहुल गांधी की एक ही समस्या है, वह आज भी डेमोक्रेसी को डायनेस्टी का डिज्नीलैंड समझते हैं। जब तक यह डेमोक्रेसी का डिज्नीलैंड समझते रहेंगे, तब तक यह परिवार के घोंसले और पप्पू की सोच से बाहर नहीं निकल पाएंगे।”
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