ओडिशा सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने रविवार को सुंदरगढ़ जिले में एक ढाबा संचालक से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एएसआई की पहचान मदन मोहन प्रधान के रूप में हुई है, जो वर्तमान में सुंदरगढ़ जिले के लहुणीपाड़ा पुलिस थाने में तैनात हैं। उनके साथ गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान निजी व्यक्ति और एएसआई के सहयोगी मंदीप कुमार दासमोदक के रूप में हुई है।
ओडिशा विजिलेंस ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि एएसआई ने कथित तौर पर ढाबा संचालक को धमकी दी थी कि अगर वह मांगी गई रिश्वत नहीं देगा तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा। आरोप है कि एएसआई ने शिकायतकर्ता और उसके छोटे भाई के खिलाफ दर्ज आबकारी (एक्साइज) मामले में मदद करने तथा गिरफ्तारी से बचाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। किसी अन्य विकल्प न देख ढाबा संचालक ने विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस अधिकारियों ने शनिवार रात (29 अगस्त) जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान प्रधान और दासमोदक को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली।
कार्रवाई के बाद एएसआई मदन मोहन प्रधान के लहुणीपाड़ा स्थित सरकारी आवास, उनके कार्यालय कक्ष और सुंदरगढ़ जिले के महुलपाड़ा थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव महुलडीहा में एक साथ तलाशी अभियान भी चलाया गया। ओडिशा विजिलेंस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।
इस मामले में राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में 29 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला (10/26) दर्ज किया गया है।

