9 मई । मणिपुर के कामजोंग जिले में असम राइफल्स ने एक बड़े राहत और बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए अपहृत महिला को सुरक्षित छुड़ा लिया। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में असम राइफल्स ने तांगखुल समुदाय की महिला ओलिना निंगशेन को सुरक्षित रिहा कराया। महिला का अपहरण केएनए (बी) और विलेज वॉलंटियर्स ईस्टर्न जोन (वीवीईजेड) द्वारा नामली इलाके से किया गया था।
जानकारी के अनुसार, महिला की रिहाई जेड चोरो गांव के दक्षिण इलाके में, घटना स्थल के नजदीक कराई गई। पूरी प्रक्रिया असम राइफल्स, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी में संपन्न हुई। महिला के पति, गांव के मुखिया और सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों को भी फाइकोह के पास हुमिने थाना लाया गया था, ताकि सुरक्षित तरीके से महिला को परिवार के हवाले किया जा सके।
रिहाई के बाद महिला और उसके परिवार को औपचारिक दस्तावेजी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के लिए चस्साद स्थित असम राइफल्स यूनिट मुख्यालय ले जाया गया। यहां महिला को चिकित्सकीय सहायता के साथ मनोवैज्ञानिक सहयोग भी दिया गया। इसके बाद परिवार, गांव के मुखिया और सीएसओ सदस्य अपने गांव खांगपत खान लौट गए।
दरअसल, 7 मई की सुबह भारत-म्यांमार सीमा के पास जेड चोरो और नामली इलाके में तनाव और हिंसा की खबरें सामने आई थीं। हालात बेहद संवेदनशील थे, लेकिन असम राइफल्स ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में किया।
सुरक्षा बलों ने इलाके में कई रेस्क्यू टीमें तैनात कीं। हिंसा से प्रभावित 10 घरों को सुरक्षित किया गया और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 15 ग्रामीणों को बचाकर अलोयो असम राइफल्स कैंप में मानवीय सहायता दी गई। एक घायल महिला को तुरंत प्राथमिक उपचार और मेडिकल इवैक्यूएशन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए असम राइफल्स ने व्यापक तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान भी चलाया। इसी दौरान चुराचांदपुर इलाके से केएनए-बी के एक सशस्त्र कैडर लाल थाग जॉन (38 वर्ष) को हथियार, मैगजीन और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
फिलहाल कामजोंग के संवेदनशील इलाकों में असम राइफल्स लगातार जांच जारी रखी हुई है।

