N1Live National आतिशी ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, कहा- दिल्ली सुरक्षा की हकदार है, चुप्पी की नहीं
National

आतिशी ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, कहा- दिल्ली सुरक्षा की हकदार है, चुप्पी की नहीं

Atishi wrote to the Home Ministry, saying Delhi deserves security, not silence.

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही हत्याओं, लूटपाट, गैंगवार और फायरिंग से नागरिकों में डर फैल रहा है। दिल्ली सुरक्षा की हकदार है, चुप्पी की नहीं।

आतिशी ने पत्र में लिखा, “मैं दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राजधानी दिल्ली की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता के साथ यह पत्र लिख रही हूं। पिछले कुछ समय, विशेषकर हालिया महीनों में दिल्ली में घटित गंभीर आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और व्यापारियों के मन में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा कर दिया है।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के नजदीक ही आरडब्ल्यू अध्यक्ष एवं आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। रचना यादव अपने घर लौट रही थीं, तभी अपराधियों ने पहले उनसे उनका नाम पूछा और पहचान सुनिश्चित करने के बाद उन्हें गोलियों से भून दिया। यह एक स्पष्ट टारगेट किलिंग का मामला था, क्योंकि रचना यादव अपने पति की हत्या की चश्मदीद गवाह थीं और उनकी गवाही 7 फरवरी 2026 को न्यायालय में होनी थी। ये घटना न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि गवाहों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने बताया कि 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके में 13 लोगों की मृत्यु हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इस आतंकी हमले की जांच वर्तमान में एनआईए द्वारा की जा रही है। देश की राजधानी और एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल के पास हुआ यह हमला दिल्ली में आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में एक अत्यंत चिंताजनक घटना सामने आई, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने एक महिला के कान से कुंडल खींचकर भागने की कोशिश की। भीड़ द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया। यह घटना पुलिस की साख, आंतरिक अनुशासन तथा वर्दीधारी कर्मियों के अपराध की ओर बढ़ते रुझान, चाहे वह नशे या मानसिक तनाव के कारण हो, पर गंभीर चिंता उत्पन्न करती है।

उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में दिल्ली के अति-सुरक्षित और पॉश माने जाने वाले ग्रेटर कैलाश इलाके में एक जिम के बाहर सरेआम हुई हत्या ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। यह एक चर्चित गैंगवार हत्या थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग ने ली। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली में अब ‘एलीट’ और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में भी संगठित अपराध बेलगाम हो चुका है। वहीं, 13-14 जनवरी 2026 की रात पश्चिम विहार, ग्रीन पार्क और पूर्वी दिल्ली में एक के बाद एक फायरिंग की घटनाएं सामने आईं।

आतिशी का कहना है कि इन अधिकांश मामलों में पुलिस की देरी, निष्क्रियता और जवाबदेही की कमी को लेकर जनता की गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन होने के बावजूद अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता हुआ नहीं दिखता।

उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली की कानून-व्यवस्था केवल एक राज्य का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की प्रतिष्ठा, आंतरिक सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है। आज आम नागरिक यह सवाल पूछने को मजबूर हैं कि जब देश की राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो जनता अपनी सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करे। नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा संवैधानिक दायित्व है कि मैं दिल्ली के नागरिकों की चिंताओं और अपेक्षाओं को आपके संज्ञान में लाऊं।

Exit mobile version