क्वेटा, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों के ठिकानों पर ड्रोन और मोर्टार से हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, खारान जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें जानमाल के नुकसान की खबर है। हालांकि, हताहतों और नुकसान के बारे में आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं।
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि गुरुवार को खारान के पटकिन इलाके में सुरक्षा बलों के एक मुख्य शिविर पर पांच ड्रोन हमले किए गए। इसके बाद वहां मोर्टार से भी गोलाबारी की गई। हालांकि, हमले में मारे गए या घायल हुए लोगों और संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एक अन्य घटना में खारान के अलबत इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक और शिविर को ड्रोन से निशाना बनाया गया। हालांकि, ड्रोन में रखे विस्फोटक विस्फोट नहीं हुए। ये हमले तीन दिन पहले सुराब के तरकी बांध स्थित पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के शिविर पर हुए ड्रोन हमले के बाद सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उस दौरान शिविर के भीतर करीब 10 धमाकों की आवाज सुनी गई थी। हालांकि, वहां भी हताहतों और नुकसान का ब्योरा सामने नहीं आया।
ताजा हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी सशस्त्र संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) पहले भी बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी लेती रही है। बीएलए ने इस साल की शुरुआत में अपने अभियान ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण के दौरान अपने हवाई विंग ‘कहर’ (काजी एयरो हाइव रेंजर्स-QAHR) को शुरू करने की घोषणा की थी। संगठन ने दावा किया था कि उसने ग्वादर बंदरगाह समेत कई स्थानों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है।
इस बीच, स्थानीय मीडिया ने बताया कि इसी सप्ताह बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकार समर्थित सशस्त्र तत्वों पर हुए हमलों में भी भारी नुकसान हुआ है। इन हमलों में सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े कथित ‘डेथ स्क्वॉड’ के सदस्य भी निशाने पर रहे।
‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि ये हमले बसिमा, पंजगुर और तुरबत इलाकों में किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, बसिमा के साजिद इलाके के पास मंगलवार को सशस्त्र हमलावरों ने सुरक्षा बलों के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इस दौरान सुरक्षा बलों के जवानों के हताहत होने और उनके दो वाहनों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में दो घंटे से अधिक समय तक मुठभेड़ जारी रही। इसके बाद सुरक्षा बलों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर भी पहुंचे।
वहीं, बुधवार को पंजगुर के ग्वारगो इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के एक काफिले को निशाना बनाया गया। उस समय काफिले में तीन वाहन शामिल थे। रिपोर्ट में बताया गया कि अधिकारियों ने इन हमलों में हताहतों की संख्या को लेकर कोई जानकारी जारी नहीं की है। इसके अलावा, शुक्रवार सुबह तुरबत के नोडुज इलाके में बंदूकधारियों ने पाकिस्तानी सेना समर्थित कथित ‘डेथ स्क्वॉड’ के सदस्यों को निशाना बनाया। इलाके में काफी देर तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। हालांकि, इस घटना में भी हताहतों की जानकारी सामने नहीं आई है।

