August 25, 2026
National

‘विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश’, ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पर लगाया धमकी देने का आरोप

‘Attempt to stifle the opposition’s voice’: Mamata Banerjee accuses Chief Minister of issuing threats.

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की आलोचना की। ममता बनर्जी का आरोप है कि सीएम अधिकारी ने दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर उन्हें धमकी दी थी।

ममता बनर्जी ने पूछा कि भारतीय राजनीति में एक नया निचला स्तर! सुवेंदु अधिकारी ने सरकारी दफ्तर में बैठकर खुलेआम मुझे धमकी दी है और सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह यह पक्का करेंगे कि मैं अपने घर से बाहर भी न निकल पाऊं। मैं भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारत के लोगों से पूछती हूं कि क्या हमारे संविधान में ऐसे भारत की कल्पना की गई थी?

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान को बनाए रखने की शपथ लेने वाले एक मौजूदा मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन की आजादी को सीमित करने की खुली धमकी दी। उन्होंने कहा कि शब्द बिल्कुल साफ थे: ‘मैं पक्का करूंगा कि आप घर से बाहर न निकल पाएं।”

बनर्जी ने आगे सवाल किया कि अधिकारी के ऐसे बयान का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि आखिर इसका क्या मतलब है? नजरबंदी? डराना-धमकाना? राजनीतिक उत्पीड़न? एक संवैधानिक लोकतंत्र में किसे आजादी से घूमने-फिरने का हक है, यह तय करने का अधिकार आपको किसने दिया? शायद वह मुझे उन लोगों जैसा समझ रहे हैं जो तानाशाही के आगे झुक जाते हैं। मुझे कहना होगा कि यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है।

उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।

बनर्जी ने कहा कि यह मामला ममता बनर्जी से कहीं बड़ा है। यह उस तरह के भारत के बारे में है जिसे भाजपा बनाना चाहती है—जहां राजनीतिक विरोधियों को धमकाया जाता है, असहमति के लिए सजा दी जाती है, और संवैधानिक अधिकार सत्ता में बैठे लोगों द्वारा दी जाने वाली रियायतें बन जाते हैं। भारत एक खतरनाक तानाशाही भरे दौर से गुजर रहा है।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा: “और इतिहास एक अहम सबक सिखाता है: सत्ता कुछ समय के लिए डरा-धमका सकती है, लेकिन अहंकार का जवाब आखिरकार जनता ही देती है। उनका अहंकार जोरदार है। उनकी हताशा उससे भी ज्यादा जोरदार है। उनके दिन गिने-चुने हैं।”

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