कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. ओमेश भारती ने शनिवार को कहा कि सांप के काटने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता, समय पर प्रतिक्रिया और शीघ्र चिकित्सा उपचार महत्वपूर्ण हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर धर्मशाला अस्पताल द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला का आयोजन कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग, गुंजन एनजीओ और एसएआरपीए-आईसीएमआर परियोजना द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
कार्यशाला में सांप के काटने से बचाव, उचित प्राथमिक उपचार और समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों, जागोरी, सीआरडी, इनर व्हील क्लब धर्मशाला, रोटरी क्लब धर्मशाला, बारोल निर्माण उत्थान परिषद और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
डॉ. भारती ने कहा कि लोगों को सांप के काटने के बारे में वैज्ञानिक जानकारी और उचित चिकित्सा उपचार से अवगत कराना आवश्यक है। 2026 की थीम, “सांप के काटने से बचे लोग और बचावकर्ता – बदलाव के चैंपियन: अनुभवों को जागरूकता में बदलना और जागरूकता को जीवन रक्षक कार्रवाई में बदलना” का जिक्र करते हुए, उन्होंने जागरूकता फैलाने के लिए बचे लोगों और बचावकर्ताओं के अनुभवों का उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने लोगों को रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने, जूते पहनने और सांपों तथा अन्य विषैले जीवों को घरों में प्रवेश करने से रोकने के उपाय करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चूहों के प्रकोप को नियंत्रित करना भी महत्वपूर्ण है।
डॉ. भारती ने कहा कि सांप के काटने की स्थिति में पीड़ित को शांत रखना चाहिए और बिना किसी देरी के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर लोग 108 एम्बुलेंस सेवा या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1077 पर कॉल कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे अंधविश्वास या अन्य अप्रमाणित उपचारों पर समय बर्बाद न करें।
SARPA-ICMR की शोध वैज्ञानिक अर्चना फुल ने सांप के काटने से बचाव, सुरक्षा उपायों और उचित प्रतिक्रिया के बारे में बात की। उन्होंने समुदायों तक वैज्ञानिक और तथ्य-आधारित जानकारी पहुंचाने और सांपों और सांप के काटने से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। सांप के काटने और उसके इलाज से जुड़ी आम भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर भी चर्चा हुई। इस कार्यशाला में सांपों को बचाने वाले दल, पंचायत प्रतिनिधि, रोटरी क्लब, इनर व्हील और लायंस क्लब के सदस्य और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

