N1Live National अयोध्या के महंतों की मांग, ‘स्थानीय संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को सौंपा जाए राम मंदिर ट्रस्ट’
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अयोध्या के महंतों की मांग, ‘स्थानीय संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को सौंपा जाए राम मंदिर ट्रस्ट’

Ayodhya Mahants demand: 'Ram Mandir Trust should be handed over to local saints and spiritual gurus'

राम मंदिर के दान प्रकरण के बाद अयोध्या के महंतों ने मांग की है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की जिम्मेदारी स्थानीय संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को सौंपी जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान पदाधिकारियों पर भक्तों और संतों की आस्था को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं।

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की गड़बड़ियों, लापरवाही और असावधानी की वजह से जो बातें सामने आई हैं, उनसे सनातनियों, भक्तों और संतों को ठेस पहुंची है। वे बहुत दुखी और परेशान हैं। मैं सरकार से गुजारिश करूंगा कि एक नया ट्रस्ट बनाया जाए और इसकी जिम्मेदारी सम्मानित स्थानीय संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को सौंपी जाए, ताकि संत अपने आराध्य देव की सेवा कर सकें और धार्मिक परंपराओं व रीति-रिवाजों के अनुसार व्यवस्था कर सकें।”

वहीं, दान प्रकरण पर महंत देवेशाचार्य ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जब से यह बात सामने आई है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में भक्तों की ओर से दिए गए दान का गलत इस्तेमाल हुआ है और कथित तौर पर घोटाला हुआ है, तब से पूरा हिंदू समाज और भक्त बहुत आहत हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हर किसी की, चाहे वे अयोध्या के निवासी हों, संत हों या हिंदू समाज के लोग, एक ही मांग है कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों को तुरंत हटाया जाए और एक नया ट्रस्ट बनाया जाए। नए ट्रस्ट में अयोध्या के वे स्थानीय संत होने चाहिए, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया।”

महंत देवेशाचार्य ने यह भी मांग की कि तीनों वैष्णव अखाड़ों से भी एक-एक सदस्य भी ट्रस्ट में होने चाहिए। देवेशाचार्य ने कहा कि अयोध्या के साधु-संतों को यहां की परंपरा का अच्छे से पता है। इसलिए उन्हें अवसर मिलना चाहिए।

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