पटियाला हाउस कोर्ट ने आतंकवाद फंडिंग के आरोप में बारामूला के गिरफ्तार सांसद इंजीनियर राशिद को संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए कस्टडी पैरोल की अनुमति दी है। यह फैसला हाल ही में आया है, जिसके तहत उन्हें 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक के बजट सत्र के दौरान संसद में शामिल होने का मौका मिलेगा। दरअसल इस बार संसद का बजट सत्र दो चरणों में चलेगा। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी और फिर 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, इंजीनियर राशिद को तिहाड़ जेल से उसी दिन कस्टडी पैरोल पर लाया जाएगा, जब संसद का सत्र चलेगा। सत्र के दिन वे जेल से सीधे संसद जाएंगे और सत्र समाप्त होने के बाद वापस जेल लौट जाएंगे। इस दौरान उनकी सुरक्षा और आवागमन का पूरा इंतजाम पुलिस और जेल प्रशासन करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कस्टडी पैरोल के दौरान जेल से लाने-ले जाने का खर्च दिल्ली हाईकोर्ट तय करेगा।
दरअसल, संसद के पिछले मानसून सत्र में इंजीनियर राशिद की भागीदारी के लिए हुए खर्च का मामला अभी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है। इसी वजह से कोर्ट ने नए सत्र के लिए खर्च का निर्धारण हाईकोर्ट पर छोड़ दिया है। इंजीनियर राशिद बारामूला लोकसभा सीट से चुने गए हैं और वे तिहाड़ जेल में बंद हैं।
कोर्ट ने इस बार उनकी याचिका पर विचार करते हुए संसद में सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का अधिकार दिया है। यह फैसला उनके संसदीय कामकाज को जारी रखने में मददगार साबित होगा। हालांकि पैरोल केवल सत्र के दिनों तक सीमित रहेगी और वे जेल से बाहर कहीं और नहीं जा सकेंगे। यह व्यवस्था सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इस तरह जेल में बंद रहते हुए भी इंजीनियर राशिद बजट सत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। यह मामला जेल में बंद सांसदों के संसदीय अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण उदाहरण है।


Leave feedback about this