January 2, 2026
National

बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामला: तीन आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की

Bengaluru jail radicalisation case: NIA files chargesheet against three accused

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 के बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है।

एनआईए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को दायर की गई दूसरी पूरक चार्जशीट में अनीस फातिमा, चान पाशा ए और डॉ. नागराज एस के नाम शामिल किए गए हैं। एजेंसी ने इन तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और कर्नाटक जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

एनआईए ने अक्टूबर 2023 में इस मामले को स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में लिया था। इससे पहले, एजेंसी इस केस में फरार आरोपी जुनैद अहमद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह केस मूल रूप से जुलाई 2023 में बेंगलुरु सिटी पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें शहर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए थे।

एनआईए के अनुसार, आरोपी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से बेंगलुरु में आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। ये गतिविधियां लश्कर-ए-तैयबा के हितों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही थीं और इनका मकसद कई आतंकी मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे टी नसीर को जेल से अदालत ले जाते समय फरार कराने की साजिश को अंजाम देना था। टी नसीर 2008 के बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट मामलों में उस समय अंडर ट्रायल कैदी था।

इस मामले में अब जिन तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें अनीस फातिमा की पहचान फरार आरोपी जुनैद अहमद की मां के रूप में हुई है। जांच में यह सामने आया कि उसने बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद टी नसीर को लॉजिस्टिक सपोर्ट और फंड मुहैया कराए। वह अपने बेटे के निर्देश पर हैंड ग्रेनेड और वॉकी-टॉकी संभालने में भी शामिल थी और आरोपियों के बीच संचार व्यवस्था को सुचारु करने की भूमिका निभा रही थी। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उसने मुख्य आरोपी सलमान खान को पनाह दी और उसके लिए यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था कर उसे दुबई भगाने में मदद की। बाद में सलमान खान को रवांडा गणराज्य से भारत प्रत्यर्पित किया गया।

दूसरे आरोपी चान पाशा ए, जो बेंगलुरु सिटी के सिटी आर्म्ड रिजर्व-दक्षिण में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात था, पर आरोप है कि उसने सलमान खान से अवैध रूप से रिश्वत ली। बदले में उसने टी नसीर की एस्कॉर्ट ड्यूटी से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं, जिनसे वह पहले से संपर्क में था।

वहीं, तीसरे आरोपी डॉ नागराज एस, जो परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक मनोचिकित्सक थे, पर जेल के भीतर अवैध रूप से मोबाइल फोन तस्करी करने और कैदियों को नकद में बेचने का आरोप है। इन्हीं मोबाइल फोनों में से एक टी. नसीर तक पहुंचा था, जिसका इस्तेमाल उसने अपने सह-आरोपियों से संपर्क कर आतंकी साजिश को आगे बढ़ाने के लिए किया।

एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में फरार आरोपियों की तलाश और जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।

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